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प्रशासनिक अनदेखी के बीच पिछले एक घंटे से तालाब में खड़े है सत्याग्रही

By NS
On: June 18, 2026 12:03 PM
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  • खाद-बीज और आवास की मांग को लेकर जल सत्याग्रह, सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था नदारद

पाटन। एक ओर किसान खाद-बीज की समस्या से जूझ रहे हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राही अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की संवेदनहीनता भी सामने आई है। गुरुवार को लक्ष्मी सागर तालाब में शुरू हुए जल सत्याग्रह के दौरान दर्जनों किसान और हितग्राही एक घंटे से अधिक समय तक पानी में खड़े है, लेकिन उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आई।
आंदोलनकारी तालाब के पानी में खड़े होकर अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराते रहे, लेकिन मौके पर न तो एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और न ही स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम तैनात दिखाई दी। यदि किसी सत्याग्रही की तबीयत बिगड़ जाती या कोई अप्रिय घटना घटित हो जाती है, तो उससे निपटने के लिए प्रशासन के पास तत्काल कोई व्यवस्था मौजूद नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि खाद-बीज की समस्या और आवास योजना के लंबित मामलों को लेकर लगातार आवाज उठाने के बावजूद प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है। अब जब लोग मजबूर होकर तालाब में उतरकर जल सत्याग्रह कर रहे हैं, तब भी प्रशासनिक अमला केवल दूर से स्थिति देखता नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल सत्याग्रह जैसे आंदोलन में सुरक्षा के विशेष इंतजाम, चिकित्सा दल और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां ऐसी कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दी। इससे प्रशासन की तैयारियों और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सत्याग्रहियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों के साथ-साथ आंदोलनकारियों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन गंभीर नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। फिलहाल लक्ष्मी सागर तालाब में जारी जल सत्याग्रह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।



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