पाटन। समग्र शिक्षा के अंतर्गत पाटन विकासखंड में आज शिक्षकों एवं संकुल समन्वयकों की ब्लॉक स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बालवाड़ी एवं प्रारंभिक कक्षाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को बढ़ावा देना, शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को सशक्त बनाना तथा वर्षभर संचालित होने वाली प्रशिक्षण प्रक्रिया से सभी शिक्षकों को जोड़ना था।

बैठक में समग्र शिक्षा के एपीसी चंद्रभूषण शर्मा के नेतृत्व में विकासखंड स्रोत समन्वयक गुनेश्वर वर्मा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) डालेंद्र देवांगन, संकुल समन्वयक एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का संचालन अह्वान संस्था की ओर से बालवाड़ी समन्वयक शीतल मोटघरे एवं प्रदीप शर्मा द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण की शुरुआत प्रतिभागियों के परिचय एवं सहभागिता गतिविधियों से हुई। इसके बाद वर्षभर संचालित होने वाली शिक्षक व्यावसायिक विकास योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि शिक्षकों का सतत व्यावसायिक विकास केवल एक दिवसीय प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे वर्ष विभिन्न माध्यमों से उनकी क्षमता का विकास किया जाएगा।

बैठक में बालवाड़ी पाठ्यक्रम के अभिमुखीकरण पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें शिक्षकों को बालवाड़ी पाठ्यक्रम के सात प्रमुख घटकों—सर्कल टाइम, संज्ञानात्मक विकास, फ्री प्ले, भाषा विकास, आउटडोर गतिविधियां, रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं समापन सर्कल टाइम—की विस्तृत जानकारी दी गई। इन सभी गतिविधियों को बच्चों के समग्र विकास के लिए आवश्यक बताते हुए विद्यालयों में नियमित रूप से संचालित करने पर बल दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान वर्षभर की प्रशिक्षण योजना एवं विभिन्न प्रशिक्षण प्रारूपों की जानकारी भी साझा की गई। शिक्षकों को बताया गया कि उनकी क्षमता वृद्धि के लिए ऑफलाइन प्रशिक्षण, ज़ूम मास्टरक्लास, कक्षा अवलोकन एवं व्हाट्सएप आधारित पीयर लर्निंग ग्रुप जैसे माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। इन सभी माध्यमों के जरिए शिक्षकों को नियमित मार्गदर्शन, फीडबैक एवं सहयोग प्राप्त होगा।
सत्र में कक्षा 1 एवं 2 की नमूना पाठ योजनाओं का अवलोकन कराया गया। साथ ही दैनिक समय-सारिणी के प्रभावी संचालन, गतिविधि आधारित शिक्षण, बच्चों की सक्रिय सहभागिता तथा सीखने के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर चर्चा की गई। शिक्षकों से विद्यालयों में आने वाली चुनौतियों एवं उनके व्यावहारिक समाधान पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि बालवाड़ी बच्चों की शिक्षा की सबसे मजबूत नींव है। यदि प्रारंभिक वर्षों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं गतिविधि आधारित शिक्षा मिलेगी तो आगे की कक्षाओं में उनका सीखने का स्तर बेहतर होगा। शिक्षकों से नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, नामांकन बढ़ाने तथा पाठ्यक्रम के अनुरूप दैनिक गतिविधियों का प्रभावी संचालन करने का आह्वान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा वर्षभर की प्रशिक्षण योजना में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया। बैठक का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि सतत प्रशिक्षण, सहयोग एवं प्रभावी कक्षा संचालन के माध्यम से पाटन विकासखंड में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।





