मुंबई। Controversy:बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान युवाओं के लिए कथित तौर पर ‘गटर जेनरेशन’ शब्द का इस्तेमाल करने के बाद उनकी आलोचना तेज हो गई है। इस विवाद में अब अभिनेता सोनू सूद भी खुलकर सामने आए हैं और उन्होंने इस तरह की टिप्पणी को “शर्मनाक” बताया है। वहीं बढ़ते विवाद के बीच कंगना ने भी अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी किसी पूरी पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर कथित अशोभनीय व्यवहार के खिलाफ थी।
सोनू सूद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया गया है तो यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “तोल-मोल के बोल” वाली कहावत हर सार्वजनिक व्यक्ति पर लागू होती है। उनके मुताबिक, जनता और खासकर युवा ही किसी कलाकार को पहचान और सम्मान दिलाते हैं, इसलिए उनके प्रति सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि चाहे कोई अभिनेता हो, डॉक्टर हो या किसी भी क्षेत्र का पेशेवर, उसकी पहचान लोगों के भरोसे और समर्थन से ही बनती है। यदि जनता साथ छोड़ दे तो किसी भी उपलब्धि का महत्व कम हो जाता है। इसलिए हर किसी को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
वहीं, विवाद बढ़ने के बाद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका बयान NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित अशोभनीय व्यवहार को लेकर था। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अभद्र भाषा या अनुचित व्यवहार को सामान्य नहीं माना जाना चाहिए।
पत्रकारों से बातचीत में कंगना ने कहा कि उनकी आपत्ति उन गतिविधियों से थी जो उनके अनुसार सार्वजनिक मर्यादा के खिलाफ थीं, खासकर तब जब आसपास बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग मौजूद हों। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं करना चाहिए जो युवाओं को गलत दिशा में ले जाए।
कंगना के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। एक ओर कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कई लोग इसे युवाओं के प्रति अपमानजनक बताते हुए आलोचना कर रहे हैं।








