
वर्ल्ड डेस्क। WORLD NEWS: क्या आपने कभी ऐसी जगह पर रहने का सपना देखा है जहां सुबह आंख खुलते ही बर्फ से ढके पहाड़ दिखाई दें, चारों ओर हरियाली हो, समुद्र की ठंडी हवाएं चलती हों और जीवन पूरी तरह शांत और तनावमुक्त हो? आमतौर पर ऐसी जगहों पर कुछ दिन बिताने के लिए लोग लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे स्थान भी हैं जहां बसने के लिए लोगों को पैसे दिए जा रहे हैं। यूरोप के कई छोटे गांव और द्वीप घटती आबादी की समस्या से जूझ रहे हैं। युवाओं के बड़े शहरों की ओर पलायन के कारण यहां घर खाली हो गए हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है। ऐसे में इन क्षेत्रों ने नए निवासियों को आकर्षित करने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की हैं, जिनके तहत आर्थिक सहायता, घर खरीदने पर अनुदान और कई अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं।
स्विट्जरलैंड का अल्बिनेन: खूबसूरत पहाड़ों के बीच बसने का सुनहरा मौका
स्विट्जरलैंड के आल्प्स पर्वतों के बीच स्थित अल्बिनेन गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। लकड़ी के पारंपरिक घर, बर्फ से ढकी चोटियां और शांत वातावरण इसे किसी पोस्टकार्ड जैसा खूबसूरत बनाते हैं। लेकिन लगातार घटती आबादी के कारण यह गांव खाली होता जा रहा था। इसी समस्या से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने नई आबादी को आकर्षित करने की योजना शुरू की। रिपोर्टों के अनुसार यहां बसने वाले योग्य लोगों को लाखों रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा सकती है। हालांकि इसके लिए घर खरीदना, कई वर्षों तक गांव में रहना और स्थानीय नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है।

इटली का प्रेसिचे: खाली पड़े घरों को आबाद करने की कोशिश
इटली का ऐतिहासिक कस्बा प्रेसिचे अपनी पुरानी वास्तुकला, शांत जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। लेकिन यहां भी युवाओं के पलायन के कारण कई घर खाली हो गए। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने ऐसे लोगों को आकर्षित करने की योजना बनाई जो यहां घर खरीदकर स्थायी रूप से बसना चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार घर खरीदने और वहां रहने वाले लोगों को हजारों यूरो तक की आर्थिक सहायता देने की पेशकश की गई। इस अनोखी योजना के कारण प्रेसिचे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया और दुनिया भर के लोगों की नजर इस छोटे से कस्बे पर टिक गई।
ग्रीस का एंटीकाइथेरा: नए परिवारों की तलाश में छोटा द्वीप
ग्रीस का एंटीकाइथेरा द्वीप प्राकृतिक सुंदरता और शांति का अद्भुत उदाहरण है। चारों तरफ नीला समुद्र, स्वच्छ वातावरण और भीड़भाड़ से दूर जीवन इसे खास बनाता है। लेकिन यहां की आबादी इतनी कम हो गई कि प्रशासन को नए परिवारों को बसाने के लिए विशेष पहल करनी पड़ी। कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि यहां बसने वाले परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका उद्देश्य द्वीप की जनसंख्या बढ़ाना और स्थानीय समुदाय को जीवित रखना है।
आखिर क्यों खाली हो रहे हैं यूरोप के गांव?
विशेषज्ञों के अनुसार यूरोप के कई छोटे गांवों और द्वीपों से युवा रोजगार, शिक्षा और बेहतर सुविधाओं की तलाश में बड़े शहरों की ओर चले गए। इसके चलते गांवों की आबादी लगातार घटती गई। स्कूल बंद होने लगे, व्यापार कमजोर पड़ने लगा और कई मकान वर्षों तक खाली रहे। यही कारण है कि स्थानीय प्रशासन को लोगों को आकर्षित करने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन जैसी योजनाएं शुरू करनी पड़ीं।
क्या कोई भी जाकर बस सकता है?
हालांकि इन योजनाओं की चर्चा दुनियाभर में होती है, लेकिन इनमें शामिल होने के लिए कई शर्तें होती हैं। अधिकांश मामलों में आवेदकों को घर खरीदना पड़ता है, निर्धारित अवधि तक वहीं रहना होता है और स्थानीय नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। इसलिए केवल आर्थिक सहायता पाने के उद्देश्य से वहां बसना आसान नहीं है। फिर भी ये योजनाएं इस बात का उदाहरण हैं कि दुनिया के कुछ हिस्सों में सबसे बड़ी चुनौती अब घरों की कमी नहीं, बल्कि लोगों की कमी बन चुकी है।



