खबर हेमंत तिवारी,,,,,,,,,,,✍️✍️
राजिम / गरियाबंद जिला सहित धमतरी, महासमुंद जैसे अन्य जिले की लगभग 70 बेरोजगारों से 5 लाख से लेकर 11 लाख तक की नौकरी लगने के नाम से जो ठगी की गई है । उस बड़े अधिकारी का नाम सब के सामने आ गया है ।और जिसे इस सिंडिकेट का माफिया बताया जा रहा है। साथ ही इस सिंडिकेट में उनके बहुत से गुर्गे शामिल हैं ।जिसमें शिक्षक, हाई स्कूल के बाबू सहित अन्य विभाग के कर्मचारी भी शामिल है जो इन भोले भाले बेरोजगारों से पैसा लेकर अधिकारी की टेबल तक पहुंचाया है। और ये अधिकारी इन बेरोजगारों को नौकरी लगाने का झांसा देकर अब पैसा वापस करने में आनाकानी कर रहा है। अब इन पीड़ितों का सब्र टूट गया है ।और इन्होंने एक आवेदन बनाकर पूर्व मुख्यमंत्री से मिलकर इस मामले को विधानसभा में रखना चाहते हैं देखना होगा कि इस अधिकारी पर क्या कार्रवाई होगी या शासन प्रशासन इसे बचा लेगा,,वही जो बेरोजगार इस धोखे वा लूट का शिकार हुए हैं

अब किसी भी हद तक जाकर अपना पैसा वापस लेना चाहते हैं। साथ ही इन हाई स्कूल के बाबू, शिक्षक और अन्य लोग जो इस खेल में शामिल है।उनके चक्कर काट रहे है। पीड़ितों की जुबान पर जब इनमें से कुछ कर्मचारियों का नाम सामने आया और पड़ताल किया गया तो उन्होंने साफ बताया कि हमने गरियाबंद के दोनों रेस्ट हाउस और राजिम का रेस्ट हाउस में अधिकारी को पैसा दिया है। हमारे साथ बेरोजगार स्वयं गए थे। पीड़ित बेरोजगारो ने बताया कि इन बाबू और शिक्षकों के कहने पर हम लोग तैयार हुए ।हमको तो पता ही नहीं था कौन अधिकारी पैसे लेकर नौकरी लगाता है। इन्हीं शिक्षक और बाबू के माध्यम से हम लोग अधिकारी से मिले।अब ये अधिकारी हमारे फोन कॉल को रिसीव नहीं कर रहा हैं।और हमारा नंबर ब्लॉक कर दिया है ।

भांडा फूटने के बाद ये अधिकारी जिलें में नजर नहीं आ रहा है।और अपने गुर्गों को सामने लाकर अभी भी बेरोजगारों को चकमा दे रहा हैं।इस अधिकारी को पता नहीं है कि पीड़ितों ने इसका कॉल रिकॉर्ड कर रखा है कुछ ने तो बाकायदा वीडियो भी बना रखा है।इन्हीं सब सबूतों के साथ विधानसभा में यह मामला उठने के बाद कितना हंगामा होगा और जिले का नाम कितना धूमिल होगा यह तो समय बताएगा।और जानकर बताते है कि इस अधिकारी का यह पहला मामला नहीं है।इसके विभाग में निर्माण कार्यों में भी करोड़ों का गड़बड़ झाला है।पर अब आश्रम शालाओं और कलेक्ट्रेट के विभिन्न विभागों में नौकरी लगाने के नाम से जिस तरह से बेरोजगारों से करोड़ों रुपए ऐंठे है। इनके लुट के कारनामे जग जाहिर होने के बाद ये मामला अब तुल पकड़ रहा है।तो ये अधिकारी और इसके साथ काम करने वाले दलाल भागे भागे फ़िर रहे है।





