विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिलेंगे नवाचार, शोध व उद्यमिता के व्यापक अवसर

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जोधपुर । डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर एवं ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद नई दिल्ली (एआईआईए) के आयुर्वेद नवाचार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन केंद्र के मध्य आयुर्वेद क्षेत्र में नवाचार, शोध, तकनीकी उन्नयन तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ला के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

कार्यक्रम के दौरान कुलगुरु प्रो. गोविन्द सहाय शुक्ला ने कहा कि यह सहयोग विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों को नवाचार और उद्यमशीलता के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगा तथा आयुर्वेद को आधुनिक संदर्भों में सशक्त बनाएगा। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान नई दिल्ली के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार प्रजापति ने इस समझौते को आयुर्वेद के वैश्विक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे आयुर्वेदिक अनुसंधान और नवाचार को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। नवाचार प्रोत्साहन केंद्र के सीईओ सुजीत एरणेज़ाथ ने आयुर्वेद आधारित नवाचारों को प्रोत्साहित करने तथा तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विस्तृत व्याख्यान दिया।

इस समझौते के अंतर्गत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को परामर्श, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास, नवाचार कार्यक्रम, आइडिया प्रेजेंटेशन कैंप, उद्यमिता कार्यशालाएं तथा उद्योग जगत से संवाद जैसे अनेक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल से आयुर्वेद क्षेत्र में नवाचार की संस्कृति विकसित होगी और अनुसंधान आधारित नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा।

इस अवसर पर कल्टीवेटर फाइटोलैब के निदेशक तरुण प्रजापति, प्राचार्य प्रो. चन्दन सिंह, डीन प्रो. महेंद्र कुमार शर्मा, डीन रिसर्च प्रो. देवेंद्र चाहर, मानव संसाधन विकास केंद्र के निदेशक डॉ. राकेश शर्मा, मीडिया प्रभारी प्रो. दिनेश शर्मा, उपकुलसचिव डॉ. मनोज अदलखा, डॉ. रश्मि शर्मा, डॉ. मनीषा गोयल, डॉ. हेमंत कुमार मेनारिया, डॉ. रवि प्रताप सिंह एवं डॉ. हेमंत राजपुरोहित सहित अनेक संकाय सदस्य एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थी उपस्थित रहे।



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