छत्तीसगढ़ शराब घोटाला में अब CBI की एंट्री, AP त्रिपाठी और पत्नी पर आय से अधिक संपत्ति का केस

NFA@0298
3 Min Read


रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक नई कार्रवाई की शुरुआत की है। एजेंसी ने राज्य के पूर्व आबकारी विशेष सचिव अरुण पति त्रिपाठी और उनकी पत्नी मंजुला त्रिपाठी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। इस घोटाले में सीबीआई द्वारा इस तरह का यह पहला केस दर्ज किया गया है।

सीबीआई के अनुसार भारतीय टेलीफोन सेवा के अधिकारी रहे अरुणपति त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ में प्रतिनियुक्ति के दौरान अपनी पत्नी के नाम से कंपनी बनाकर अकूत संपत्ति अर्जित की। जांच में सामने आया है कि उनकी पत्नी की संपत्ति 38 लाख रुपये से बढ़कर 3.32 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

जांच एजेंसी के मुताबिक त्रिपाठी दंपत्ति ने अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक लगभग 4.91 करोड़ रुपये की संपत्ति जुटाई, जो उनकी वैध कमाई से करीब 54.53 प्रतिशत ज्यादा है।

सीबीआई की एफआईआर के अनुसार वर्ष 2013 में त्रिपाठी दंपत्ति की कुल संपत्ति करीब 38.08 लाख रुपये थी, जो दिसंबर 2023 तक बढ़कर 3.32 करोड़ रुपये हो गई। जांच एजेंसी का कहना है कि यह वृद्धि उनके महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रहते हुए हुई।

जांच में पता चला है कि त्रिपाठी दंपत्ति ने रायपुर, भिलाई और नया रायपुर समेत कई स्थानों पर संपत्तियां खरीदीं। इसमें रायपुर के लाभांडी क्षेत्र में एक फ्लैट और नया रायपुर के गोल्फ कोर्स से जुड़े इलाके में प्रीमियम प्रॉपर्टी शामिल है। इसके अलावा दुर्ग जिले में जमीन के कई सौदे किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

बता दें कि इस मामले में अरुणपति त्रिपाठी को पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य की आर्थिक अपराध शाखा EOW द्वारा भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद शराब घोटाले की चार्जशीट में नामजद और फिलहाल निलंबित 29 आबकारी अधिकारी-कर्मचारियों पर भी इसी तरह के मामलों में जांच और कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है।

शराब घोटाले की जांच के बीच सीबीआई की यह कार्रवाई प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।



Source link

Share This Article
Leave a Comment