गेहूं की कटाई चरम पर,आग लगने का खतरा बढ़ा,पकी फसल बचाने की होड़ तेज

NFA@0298
2 Min Read



उतरौला (बलरामपुर)।  क्षेत्र में इन दिनों गेहूं की कटाई अपने चरम पर है। किसान पकी फसल को तेजी से काटकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। इस बीच सूखी फसल और खेतों में बचे अवशेषों के कारण आग लगने का खतरा भी काफी बढ़ गया है। जरा सी चिंगारी भी तैयार फसल को पूरी तरह नष्ट कर सकती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

पूर्व में भी बलरामपुर जनपद और उतरौला तहसील क्षेत्र में आगजनी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें किसानों की खड़ी फसलें जलकर राख हो गई थीं। ऐसे में इस बार भी किसानों के सामने वही खतरा मंडरा रहा है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहा के पास डुमरियागंज मार्ग पर खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि इससे आसपास के खेतों में आग फैलने का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पर रोक लगाने और किसानों को जागरूक करने की मांग की है।

किसानों को सावधानी बरतने और अवशेष जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाने की जरूरत है। प्रशासन भी निगरानी बढ़ाकर संभावित घटनाओं को रोकने का प्रयास करे, ताकि किसानों की मेहनत सुरक्षित रह सके।



Source link

Share This Article
Leave a Comment