
कौशाम्बी। संसद भवन में भाजपा सरकार के वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस के कौशाम्बी जिलाध्यक्ष गौरव पाण्डेय ने बजट को अमीर-परस्त बताते हुए कहा कि यह बजट देश की आम जनता, मध्यम वर्ग, किसान, मज़दूर और बेरोज़गार युवाओं की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता।गौरव पाण्डेय ने कहा कि बजट में अमीरों के काम-कारोबार और घूमने-फिरने से जुड़ी गतिविधियों पर दस तरह की छूटें दी गई हैं, लेकिन देश में बढ़ती बेरोज़गारी से जूझ रहे युवाओं के लिए कोई ठोस योजना नहीं दिखाई देती। उन्होंने कहा कि “बेरोज़गारों की उम्मीदों की थाली पूरी तरह खाली है।”उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट से मध्यम वर्ग स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है, क्योंकि महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़मर्रा की ज़रूरतों पर कोई प्रभावी राहत नहीं दी गई। आय तो सीमित है, लेकिन खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे मध्यम वर्ग पर आर्थिक दबाव और गहराता जा रहा है।कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि शोषित, वंचित और ग़रीब वर्ग की स्थिति और भी चिंताजनक है। जो वर्ग पहले ही समाज की मुख्यधारा से दूर था, वह अब और नीचे फिसलता हुआ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ केवल शाब्दिक औपचारिकता बनकर रह गई हैं और ज़मीनी स्तर पर उनका कोई ठोस प्रभाव नहीं दिखता।गौरव पाण्डेय ने आगे कहा कि किसान, मज़दूर, श्रमिक, कारोबारी और छोटे दुकानदार इस बजट में अपने लिए घोषित राहत को दूरबीन लगाकर भी ढूँढ नहीं पा रहे हैं। न तो किसानों की आय बढ़ाने के लिए कोई ठोस रोडमैप है और न ही छोटे व्यापारियों को संजीवनी देने वाली कोई प्रभावी योजना हैं।

