
रायपुर। Vedanta power plant accident : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 26 से अधिक मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना जोरदार था कि प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर मलबे में दब गए। राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भेजा, जबकि कई लोगों की तलाश देर शाम तक जारी रही।
घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सक्ती जिले के बिजली संयंत्र में हुई दुर्घटना बेहद दुखद है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।

हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग प्लांट गेट पर जमा हो गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। परिजनों का आरोप है कि कई मजदूर अब भी लापता हैं, लेकिन प्रबंधन स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बचाव टीमों को तेजी से काम करने और हर प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल प्रशासन हादसे के कारणों की जांच में जुट गया है। प्रारंभिक आशंका तकनीकी खराबी और सुरक्षा मानकों में लापरवाही की जताई जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।



