NEET paper leak पर सुप्रीम कोर्ट की NTA को फटकार

NFA@0298
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नई दिल्ली। NEET paper leak मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने सवाल किया कि UPSC जैसी संस्था में कभी पेपर लीक नहीं होता, तो NTA में बार-बार ऐसी गड़बड़ियां क्यों हो रही हैं? देशभर में 3 मई को आयोजित NEET-UG पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दी गई थी। अब यह परीक्षा 21 जून को दोबारा होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

शुक्रवार को जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा, ‘UPSC में इतनी बड़ी परीक्षाएं होती हैं, वहां कभी पेपर लीक नहीं हुआ। NTA को उनसे सीखना चाहिए। जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, ऐसी घटनाएं रुकेंगी नहीं।’ जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों की मेहनत और भावनाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि केवल संस्था को दोष देने से काम नहीं चलेगा, व्यक्तिगत जवाबदेही तय करनी होगी।

पिछली गलतियों से सबक नहीं लिया

कोर्ट ने NTA को याद दिलाया कि 2024 में भी पेपर लीक हुआ था, तब एक हाई पावर्ड कमेटी बनाई गई थी जिसकी अध्यक्षता पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन ने की थी। कमेटी ने 60 से ज्यादा सिफारिशें दी थीं, लेकिन कोर्ट ने पूछा ‘सुधार किए गए थे तो इस बार समस्या क्यों आई?’ राधाकृष्णन ने कोर्ट में बताया कि ज्यादातर सिफारिशें लागू कर दी गई हैं लेकिन कुछ नई कमियां सामने आई हैं, जिन्हें री-एग्जाम से पहले दूर किया जाएगा।

केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से 21 जून के री-एग्जाम की निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।

NEET-UG परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे।
7 मई को पेपर लीक की खबर सामने आई।
CBI जांच में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
छात्रों की मांग है कि NTA को भंग कर नई संस्था बनाई जाए और परीक्षा पेन-पेपर मोड में कराई जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह कुछ समय तक NEET से जुड़े मामलों पर नजर रखेगा। मामले की अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में होगी।



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