
नेशनल ब्यूरो,नई दिल्ली। नीट यूजी 2026 की परीक्षा पेपर लीक की वजह से दोबारा करवाने का फैसला लिया गया है लेकिन अब इसे लेकर भी तरह-तरह की खबरें सामने आ रही हैं। RE NEET-2026 परीक्षा के पेपर के नाम पर छात्रों और अभिभावकों को साइबर फ्रॉड का शिकार बनाया जा रहा है। करोड़ों की वसूली की गई है। अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायतकर्ता शुभम ठाकर ने इंडिया टुडे आउटलेट से खास बातचीत में पूरी कहानी बताई। उनके जूनियर छात्र ने उन्हें बताया कि टेलीग्राम पर कुछ ग्रुप चल रहे हैं जिसमें री-नीट 2026 का पेपर लीक होने का दावा किया जा रहा है। शुभम ने इन ग्रुप्स में जुड़कर जानकारी इकट्ठा की और फिर साइबर क्राइम में शिकायत कर दी।
री-नीट 2026 परीक्षा के पेपर लीक के नाम पर एक बड़े साइबर घोटाले का आरोप लगाते हुए शुभम ने बताया कि टेलीग्राम पर चल रहे संदिग्ध चैनलों जैसे @RENEETLEAKER आदि पर छात्रों और अभिभावकों को पेपर लीक हो गया है का संदेश दिखाकर ठगा जा रहा है। एक पेपर की कीमत 10 लाख रुपये रखी गई है। अनुमान है कि इन चैनलों के माध्यम से अब तक लगभग 7901 लोगों से 5.74 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूल की जा चुकी है।
पहले 200 से 500 रुपये लेकर लोगों को मुख्य ग्रुप में शामिल किया जाता है, फिर 60 हजार रुपये टोकन मनी मांगकर बाकी रकम वसूली जाती है। पेपर 21 जून को सुबह 2 बजे देने का दावा किया जा रहा है।
शुभम ने राघव सर नाम के व्यक्ति से बात की। उसने दावा किया कि पेपर 35 लाख में खरीदा गया है, 70 सवाल आ चुके हैं और बाकी 24 मई को आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि 10-15 हजार में पेपर मिल रहा है तो वो फ्रॉड है, हम 10 लाख ले रहे हैं क्योंकि यही पेपर आएगा। अगर एक भी सवाल कम आया तो पूरा पैसा वापस कर देंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके साथ एक विधायक भी जुड़ा हुआ है इसलिए उन्हें कुछ नहीं होगा।
शुभम का आरोप है कि बैंक अकाउंट महाराष्ट्र का है जिसका नाम राहुल कल्याण बताया गया। यह सिर्फ साइबर फ्रॉड नहीं बल्कि पेपर लीक का पूरा सिस्टम हो सकता है।


