Karnataka में मजदूरों को बड़ी राहत, 60 फीसदी बढ़ी मजदूरी

NFA@0298
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नई दिल्ली। एक करोड़ से अधिक मजदूरों को राहत देते हुए Karnataka सरकार ने शुक्रवार को 81 अनुसूचित रोजगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी का अंतिम ड्राफ्ट अधिसूचित कर दिया।

यह राशि अप्रशिक्षित वर्कर के लिए ₹19,300 से शुरू होकर बेहद प्रशिक्षित श्रमिक के लिए ₹31,100 तक है। न्यूनतम मजदूरी में वर्तमान दरों से औसतन लगभग 60 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।अंतिम अधिसूचना पिछले साल अप्रैल 2025 में जारी ड्राफ्ट के एक साल बाद आई है।

दो वर्षों का वेरिएबल डियरनेस अलाउंस (₹1,030) को न्यूनतम मजदूरी में शामिल कर लिया गया है।

श्रम मंत्री संतोष एस. लाड ने समाचार पत्र द हिंदू को बताया कि नई न्यूनतम मजदूरी राज्य के बड़े कार्यबल के लिए मददगार साबित होगी। वर्तमान न्यूनतम मजदूरी संरचना में ESI और PF कटौती के बाद इनके पास बहुत कम बचता था। वे BPL सीमा से भी बाहर हैं।

कर्नाटक देश में हाल के महीनों में न्यूनतम मजदूरी संशोधित करने वाला तीसरा राज्य है। महत्वपूर्ण है कि उत्तर प्रदेश में मजदूरी बढ़ाने को लेकर हिंसा हुई थी, जबकि हरियाणा में मजदूरी को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे।

न्यूनतम मजदूरी की इस संशोधन की गणना 1991 के सुप्रीम कोर्ट के द्वारा तय दिशानिर्देशों के अनुसार परिवारों के खर्च को आधार बनाकर की गई है।

राज्य को न्यूनतम मजदूरी गणना के लिए तीन ज़ोन में बांटा गया है। ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र ज़ोन 1 में आता है, जबकि अन्य जिला केंद्र ज़ोन 2 में और बाकी क्षेत्र ज़ोन 3 में रखे गए हैं। यह संशोधन 2016-17 के बाद दस साल में पहला है।

ट्रेड यूनियनों ने लंबे समय से सरकार से न्यूनतम मजदूरी अधिसूचित करने की मांग की थी, जबकि उद्योग और व्यवसायिक संगठनों ने बढ़ोतरी का विरोध किया था। उन्होंने पूंजी के राज्य से पलायन और खासकर MSME क्षेत्र की नई मजदूरी चुकाने की अक्षमता का हवाला दिया था।



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