CJPके वायरल मुवमेंट में पेज का नाम बदलने की आंधी

NFA@0298
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नेशनल ब्यूरो,नई दिल्ली, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तेजी से फैलते वायरल मूवमेंट पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर सख्त हो गई है। इंस्टा एकाउंट उड़ाये जाने के बावजूद CJP का कहना है कि उन्हें खत्म नहीं किया जा सकता। सरकारी एदावा किया कि इंटेलिजेंस एजेंसियों को लग रहा है कि यह एक सोचा समझा प्रयास है जिसका मकसद Gen-Z युवाओं को सड़कों पर उतारना है। अब अभिजीत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसके लिए भी ऑनलाइन अभियान शुरू किये हैं।

राहुल शिवशंकर के अनुसार, CJP ने कुछ दिनों में इंस्टाग्राम पर 15 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए, जिसके बाद एजेंसियां इसकी जांच में जुट गईं। रिपोर्ट में कहा गया कि 21 मई को कई सोशल मीडिया ग्रुप्स ने अपना नाम “कॉकरोच जनता पार्टी” कर लिया। एक ग्रुप का इतिहास सितंबर 2022 से “आम आदमी पार्टी ,गुजरात ” के रूप में दिखता है, जबकि पेज फरवरी 2021 में बनाया गया था और कई बार अपना आइडेंटिटी बदल चुका है।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके (30 वर्ष) महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की और फिलहाल बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स कर रहे हैं। 2020-2023 के दौरान वे आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम से जुड़े रहे और दिल्ली चुनाव में मीम-बेस्ड कैंपेनिंग में भूमिका निभाई। CJP की शुरुआत 16 मई 2026 को CJI सूर्यकांत के “कॉकरोच” वाले बयान के अगले दिन हुई, जो शुरू में मजाक के तौर पर था लेकिन तेजी से युवाओं के बीच बेरोजगारी, पेपर लीक और सिस्टम के खिलाफ गुस्से का प्रतीक बन गया।

CJP ने इंस्टाग्राम पर BJP को भी फॉलोअर्स में पीछे छोड़ दिया। सदस्यता के लिए गुगलें में बेरोजगार, आलसी, क्रॉनिकली ऑनलाइन जैसे व्यंग्यात्मक विवरण रखे गए। आंदोलन में सेकुलरिज्म, यूथ राइट्स और एंटी-एस्टेब्लिशमेंट जैसे मुद्दे शामिल हैं।

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि 94 फीसदी फॉलोअर्स भारत से हैं। BJP नेताओं ने इसे AAP का फ्रंट बताया, जबकि दीपके को मौत की धमकियां मिलने की खबर आई है। उनके माता-पिता भी चिंतित हैं।विपक्षी नेताओं जैसे शशि थरूर और अखिलेश यादव ने CJP को युवा फ्रस्ट्रेशन का प्रतीक बताया, जबकि महुआ मोइत्रा जैसे नेताओं ने सपोर्ट किया। सरकार ने CJP के X अकाउंट को भारत में ब्लॉक कर दिया, जिसके बाद नया अकाउंट बनाया गया।

यह अभियान शुरू में सैटायर था, वह अब Gen-Z का ताकतवर प्लेटफार्म बनता दिख रहा है। लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे देश के लिए खतरा मान रही हैं। क्या यह सिर्फ ऑनलाइन मीम कल्चर रहेगा या ऑफलाइन प्रतिरोध में बदल जाएगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।



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