
रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण के चेयरमैन संजय शुक्ला (RERA Chairman Sanjay Shukla) के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने जांच के आदेश दिए हैं। PMO से जारी निर्देशों के अनुसार यह जांच कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेजा गया है। इस आदेश के आने के बाद मंत्रालय में हड़कंप है।
पीएमओ से मिले निर्देशों के तहत आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने रेरा के छत्तीसगढ़ सरकार से जुड़े होने की वजह से छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन विभाग को मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए और इसकी जानकारी शिकायतकर्ता को भी दी जाए। अब यह मामला केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर जांच प्रक्रिया में चला गया है।
मंत्रालयीन सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेश चंद्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी। अपनी शिकायत में उन्होंने संजय शुक्ला के कामकाज और उनके पिछले रिकॉर्ड को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि संजय शुक्ला के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें अलग-अलग स्तर पर की गई हैं। इसके बाद भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायतकर्ता एडवोकेट नरेश चंद्र गुप्ता द्वारा दायर दस्तावेज में रिटायर्ड पीसीसीएफ संजय शुक्ला, जो वर्तमान में छत्तीसगढ़ RERA के चेयरमैन हैं, पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। नरेश गुप्ता ने दस्तावेजों के साथ की गई अपनी लंबी चौड़ी शिकायत में संजय शुक्ला पर कथित रूप 300 करोड़ से अधिक की संपत्ति जुटाने, कथित तौर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और घोटालों में संलिप्तता, प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग, हाई-लेवल कवर-अप और कथित तौर पर न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं।
द लेंस इन आरोपों की स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं करता है। लेकिन, शिकायतों के दस्तावेज गंभीर किस्म के हैं और मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि शिकायत की गंभीरता को देखते ही पीएमओ ने जांच और उचित कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
शिकायत दस्तावेज में पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व रेरा चेयरमैन में विवेक ढांढ का नाम भी लिया गया है। उन पर संजय शुक्ला को संरक्षण का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में CBI की FIR और चार्जशीट का हवाला दिया गया है। सीबीआई ने रावतपुरा मेडिकल कॉलेज के घूस कांड में संजय शुक्ला को आरोपी बनाया है। इतना ही नहीं सीबीआई ने चार्जशीट भी दाखिल कर दी है। इस दागी अफसर के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की तरफ से चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद भी राज्य सरकार और लोकभवन से अब तक इन्हें पद से हटाया नहीं गया है।
इन शिकायतों के आधार पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भूमि और बसाहट राज्य का विषय है, इसलिए राज्य सरकार इस मामले की जांच करे और उचित कार्रवाई के बाद रिपोर्ट केंद्र को भेजे।
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