नई दिल्ली। Voter List Controversy: गांधी जयंती के मौके पर शुक्रवार को दिल्ली, मुंबई समेत देश के कई शहरों में SIR और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन किए गए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियों, आम आदमी पार्टी, छात्र और युवा संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए।
इसी बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सड़कों पर हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांग स्पष्ट है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और लोकतंत्र की रक्षा की जाए।
राहुल गांधी ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि बापू ने लोगों को सच बोलने और शांतिपूर्ण तरीके से अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की सीख दी थी। उन्होंने कहा कि लाठी से भीड़ को रोका जा सकता है, लेकिन सवालों को नहीं रोका जा सकता। अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे और उन्हें पद पर बैठाने वाला सिस्टम भी जाएगा। राहुल गांधी की यह टिप्पणी प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक बहस का प्रमुख हिस्सा बनी।
जंतर-मंतर पर जुटे विपक्षी दलों के नेता
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के अलावा आम आदमी पार्टी से जुड़े नेता, छात्र संगठन और युवा संगठन भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित बदलावों और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड पार कर जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की।
प्रदर्शन में पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी, CPI(M) महासचिव एमए बेबी, AAP नेता सौरभ भारद्वाज और संजीव झा समेत कई विपक्षी नेता मौजूद रहे। नेताओं ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग की थी।
पुलिस के मुताबिक करीब 1,100 लोग हिरासत में
दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिनभर चले प्रदर्शनों के दौरान करीब 1,100 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें प्रदर्शनकारियों के अलावा अलग-अलग संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए कुछ लोगों को बाद में छोड़ दिया गया। पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।
मुंबई के शिवाजी पार्क में भी प्रदर्शन
दिल्ली के साथ-साथ मुंबई में भी SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हुआ। मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन आयोजित किया गया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
संगठन की ओर से पहले कहा गया था कि आंदोलन मुंबई से शुरू होकर देश के अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा। शुक्रवार को मुंबई में प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए गए। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद अभिजीत दिपके वहां से रवाना हुए।
SIR और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बहस तेज
दिल्ली और मुंबई में हुए प्रदर्शनों के बाद SIR और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्षी दलों की ओर से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और नाम हटाए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और दावों पर संबंधित संस्थाओं का आधिकारिक पक्ष भी इस बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
गांधी जयंती के दिन हुए इन प्रदर्शनों के दौरान विपक्षी नेताओं ने महात्मा गांधी के सत्य और शांतिपूर्ण आंदोलन के विचारों का उल्लेख किया। राहुल गांधी ने भी अपने बयान में कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। फिलहाल SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी जारी है।





