रायपुर। CG NEWS: गांड़ा समाज की संस्कृति, सामाजिक एकता और मातृशक्ति को समर्पित भव्य “नुआखाई जुहार महोत्सव एवं सम्मान समारोह–2026” रविवार को राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में उत्साह एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। गांड़ा महिला महामंच की प्रदेश अध्यक्ष सावित्री जगत के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज की महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठजनों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, संजय श्रीवास्तव, किशोर महानंद, अमर सिंह छाबड़ा, जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर, विश्वादिनी पांडे, रघुचंद निहाल सहित तथा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी एवं हजारों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री व रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नुआखाई जैसे पारंपरिक पर्व समाज को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने महिलाओं की बड़ी भागीदारी तथा समाज की संघर्षशील महिलाओं को सम्मानित करने की पहल की सराहना की।

समारोह में समाज की ऐसी संघर्षशील, कर्मठ और प्रेरणादायी महिलाओं का सम्मान किया गया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करते हुए शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, समाजसेवा तथा अन्य क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं की जीवन-यात्रा को समाज की बेटियों और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यक्रम की अध्यक्ष राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा कहा कि नुआखाई के माध्यम से समाज में प्रेम, भाईचारा, एकता, सहयोग और सांस्कृतिक चेतना मजबूत हुई है। आने वाले समय में गांड़ा समाज महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता, सामाजिक जागरूकता तथा नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करेगा ऐसी उम्मीद करती हूं।
नागरिक आपूर्ति के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी समाज की उन्नति के लिए शिक्षा, संगठन और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता आवश्यक है। नुआखाई जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण पश्चिम ओडिशा के लोकप्रिय संबलपुरी कलाकार रुक्कु सोना रॉकस्टार एवं उनकी टीम की सांस्कृतिक प्रस्तुति रही। संबलपुरी गीत-संगीत एवं लोकधुनों पर पूरा सभागार उत्साह से सराबोर हो गया। पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक मंचीय प्रस्तुति के संगम ने नुआखाई महोत्सव को यादगार बना दिया।
गांड़ा महिला महामंच की प्रदेश अध्यक्ष एवं कार्यक्रम की आयोजक सावित्री जगत ने अपने संबोधन में कहा—
“आज का यह ऐतिहासिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि नुआखाई ने हमारे समाज को अपनी संस्कृति और पहचान के प्रति एक नई चेतना दी है। नुआखाई केवल नया अन्न ग्रहण करने का पर्व नहीं, बल्कि हमारी आन, बान, शान, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक पहचान का महापर्व है।

इस पर्व ने समाज को अपनी जड़ों से जुड़ने और संगठित होकर आगे बढ़ने की नई प्रेरणा दी है।” उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में मातृशक्ति का योगदान किसी से कम नहीं है। महिलाएं आज शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, सामाजिक सेवा और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। जिन महिलाओं ने कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए स्वयं और अपने परिवार को आगे बढ़ाया है, उनका सम्मान करना पूरे समाज का दायित्व है।
जगत ने कहा—
“हम चाहते हैं कि समाज की प्रत्येक बेटी शिक्षित हो, आत्मनिर्भर बने और नेतृत्व के लिए आगे आए। हमारी माताएं और बहनें मजबूत होंगी तो परिवार मजबूत होगा, परिवार मजबूत होगा तो समाज मजबूत होगा। आज शहीद स्मारक भवन में उमड़ा समाज का उत्साह यह संदेश दे रहा है कि हमारी संस्कृति और महिला शक्ति को अब और अधिक संगठित मंच मिलेगा।”

अतिथियों ने विशेष रूप से महिलाओं को मंच प्रदान करने और संघर्षशील महिलाओं को सम्मानित करने के लिए सावित्री जगत एवं गांड़ा महिला महामंच के प्रयासों की सराहना की तथा समाज की महिलाओं और युवाओं से शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सावित्री जगत ने सभी अतिथियों, समाज के वरिष्ठजनों, मातृशक्ति, युवाओं, कलाकारों, आयोजन समिति के सदस्यों तथा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 20 सितंबर 2026 का यह आयोजन गांड़ा समाज की सांस्कृतिक एकता और महिला शक्ति के एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद रखा जाएगा।






