बिलासपुर। CG NEWS: बिलासपुर और मध्य भारत के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। केंद्रीय कैबिनेट ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के उसलापुर-पेंड्रारोड तीसरी लाइन और पेंड्रारोड-कटनी चौथी लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 300 किलोमीटर लंबे इस रेल विस्तार पर लगभग 10 हजार 700 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मल्टीट्रैकिंग का काम पूरा होने के बाद इस व्यस्त रेल रूट पर ट्रैक क्षमता बढ़ेगी, जिससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन को ज्यादा सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। अतिरिक्त लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों के परिचालन पर दबाव कम होगा और भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

मौजूदा समय में इस रेल रूट पर ट्रैक क्षमता सीमित होने के कारण ट्रेनों के संचालन पर दबाव बना रहता है। तीसरी और चौथी लाइन बनने के बाद रेलवे को अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होगा, जिससे यात्री, एक्सप्रेस और मालगाड़ियों को चलाने में ज्यादा सुविधा मिलेगी। परियोजना का दायरा करीब 14 जिलों तक बताया जा रहा है और लगभग 5 हजार गांव इससे सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ेंगे।
बेहतर रेल कनेक्टिविटी का फायदा कृषि उपज, खनिज और दूसरे सामान की ढुलाई को भी मिलेगा। माल परिवहन आसान होने से उद्योग और व्यापार को गति मिलने की उम्मीद है, वहीं यात्रियों के लिए भी आवागमन ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है। रेल नेटवर्क मजबूत होने से बिलासपुर समेत मध्य भारत के कई क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और बेहतर होने की संभावना है।
इन परियोजनाओं का असर सिर्फ रेल परिचालन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। निर्माण कार्य के दौरान रोजगार के अवसर पैदा होंगे और परियोजना पूरी होने के बाद उद्योग, कारोबार और माल परिवहन की गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
रेलवे के जरिए ज्यादा माल परिवहन होने से सड़क मार्ग पर दबाव और ईंधन की खपत कम करने में भी मदद मिल सकती है। ऐसे में करीब 10 हजार 700 करोड़ रुपये के निवेश वाली ये परियोजनाएं बिलासपुर और मध्य भारत के लिए महत्वपूर्ण रेल इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार मानी जा रही हैं।







