Cricket News: दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन ने 334 गेंदों पर 270 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनकी इस मैराथन पारी की बदौलत ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। ईशान की बल्लेबाजी देखकर पूर्व क्रिकेटर विवेक राजदान ने 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी अहम सलाह दी।
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 334 गेंदों का सामना करते हुए 270 रन बनाए। अपनी पारी में ईशान ने 30 चौके और 7 छक्के लगाए। उनकी इस शानदार पारी के दम पर ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

ईशान की पारी सिर्फ रन बनाने के लिहाज से ही खास नहीं रही, बल्कि उन्होंने लंबे समय तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी करने की अपनी क्षमता भी दिखाई। उनकी पारी को देखकर पूर्व क्रिकेटरों ने भी जमकर तारीफ की।
ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने की। 15 साल के वैभव ने 37 गेंदों पर 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली। हालांकि, वह अपनी पारी को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके।
इसी दौरान कमेंट्री कर रहे भारत के पूर्व क्रिकेटर विवेक राजदान ने वैभव सूर्यवंशी को ईशान किशन की बल्लेबाजी से सीख लेने की सलाह दी।
राजदान ने कमेंट्री के दौरान कहा, “सूर्यवंशी साहब, अब आपको ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों से सीखना होगा। एक बार जब आप क्रीज पर जम जाएं, तो आपको लंबी पारी खेलना सीखना होगा।”
विवेक राजदान ने ईशान किशन की पारी की तारीफ करते हुए उनकी फिटनेस को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि इतनी गर्मी में लंबे समय तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता।
राजदान ने कहा, “इस समय यहां मौजूद हर व्यक्ति खड़ा हुआ और इस पारी के लिए तालियां बजाईं, क्योंकि यह सिर्फ तकनीक या स्वभाव की बात नहीं है, बल्कि यह मैच फिटनेस भी है। इतनी गर्मी में इतनी देर तक क्रीज पर टिके रहना और ऐसी पारी खेलना… ईशान किशन की क्या शानदार पारी रही।”
उन्होंने आगे कहा कि वैभव सूर्यवंशी को ईशान से सीख लेनी चाहिए कि क्रीज पर जमने के बाद किस तरह अपनी पारी को लंबा किया जाता है।
ईशान किशन की 270 रन की पारी दलीप ट्रॉफी फाइनल में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गई है। 334 गेंदों तक क्रीज पर टिके रहकर उन्होंने न सिर्फ ईस्ट जोन को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि अपनी बल्लेबाजी में धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन भी दिखाया।
वहीं, वैभव सूर्यवंशी के लिए यह मुकाबला अनुभव हासिल करने का एक और बड़ा मौका है। पूर्व क्रिकेटर की सलाह उनके लिए खास मायने रखती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के स्तर पर सिर्फ तेज शुरुआत ही नहीं, बल्कि परिस्थितियों के मुताबिक लंबी और प्रभावी पारी खेलना भी बेहद जरूरी होता है।









