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वॉलीबॉल को जीवन दिया, हजारों खिलाड़ियों को दी नई पहचान, खिलाड़ियों के बीच बड़े भाई की तरह लोकप्रिय ‘अकरम भैया’, राज्य खेल अलंकरण समारोह में मोहम्मद अकरम खान को मिला सम्मान

By NS
On: August 30, 2026 8:05 AM
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रायपुर। उम्र का एक बड़ा हिस्सा वॉलीबॉल के नाम कर दिया। खुद मैदान में पसीना बहाया और फिर हजारों बच्चों के हाथों में गेंद थमाकर उन्हें खिलाड़ी बनने का सपना दिखाया। वर्षों की इसी मेहनत, संघर्ष और समर्पण का सम्मान राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर उस समय हुआ, जब छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव एवं वॉलीबॉल खेल के लिए लंबे समय से कार्यरत मोहम्मद अकरम खान को राज्य खेल अलंकरण समारोह 2026 में सम्मानित किया गया।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में तीन वित्तीय वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 125 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किया गया। इनमें वॉलीबॉल के क्षेत्र में लंबे समय से महत्वपूर्ण योगदान देने वाले मोहम्मद अकरम खान का नाम भी शामिल रहा।

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12 साल की उम्र से शुरू हुआ सफर, वॉलीबॉल को बना लिया जिंदगी का मिशन

मोहम्मद अकरम खान का वॉलीबॉल से नाता बचपन से रहा है। करीब 12 वर्ष की उम्र में खेलना शुरू करने वाले अकरम खान ने समय के साथ वॉलीबॉल को केवल एक खेल नहीं, बल्कि अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया। खिलाड़ी के रूप में मैदान से शुरू हुआ उनका सफर आगे चलकर नई प्रतिभाओं को तैयार करने के मिशन में बदल गया।

वर्षों तक उन्होंने बच्चों और युवाओं को प्रशिक्षण दिया, उन्हें खेल की बारीकियां सिखाईं और प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए अनेक खिलाड़ी प्रदेश और देश के विभिन्न मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। खेल जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि अकरम खान की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल उनकी अपनी पहचान नहीं, बल्कि वे खिलाड़ी हैं, जिन्हें उन्होंने तराशकर आगे बढ़ाया।

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हजारों बच्चों के सपनों को दी उड़ान

वॉलीबॉल के प्रति अकरम खान का समर्पण इसी बात से समझा जा सकता है कि उन्होंने अपना अधिकांश समय नई खेल प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें तैयार करने में लगाया। उनके प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से जुड़े कई खिलाड़ी आज विभिन्न स्तरों पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं।

रायपुर सहित पूरे प्रदेश में वॉलीबॉल को मजबूत पहचान दिलाने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके द्वारा तैयार की गई प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

अकरम खान बोले—यह सम्मान मेरी नहीं, खिलाड़ियों की मेहनत का सम्मान

सम्मान मिलने पर मोहम्मद अकरम खान ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है और आगे भी वे प्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं के लिए काम करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से नई पीढ़ी में खेलों के प्रति विश्वास बढ़ता है। सरकार द्वारा खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं को आर्थिक प्रोत्साहन के साथ सम्मानित किया जाना निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के खेल भविष्य को नई दिशा देगा।

अमोल गरुड़ी बोले—अकरम भैया ने वॉलीबॉल को अपना जीवन समर्पित कर दिया

मोहम्मद अकरम खान को मिले सम्मान पर खेल जगत से जुड़े अमोल गरुड़ी ने खुशी जताते हुए कहा कि यह पुरस्कार अकरम खान के वर्षों के संघर्ष और वॉलीबॉल के प्रति उनके अटूट समर्पण की पहचान है।

अमोल गरुड़ी ने कहा, “अकरम खान ने अपना पूरा जीवन वॉलीबॉल के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने सिर्फ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण नहीं दिया, बल्कि हजारों बच्चों के भीतर खिलाड़ी बनने का सपना पैदा किया। आज उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए खिलाड़ी देश और विदेश में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्हें मिला यह सम्मान वास्तव में वॉलीबॉल और खेल के प्रति उनके समर्पण का सम्मान है।”

नितिन पांडे ने कहा—खिलाड़ियों की सफलता ही अकरम भैया की सबसे बड़ी पहचान

नितिन पांडे ने भी मोहम्मद अकरम खान के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में वॉलीबॉल को आगे बढ़ाने में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

उन्होंने कहा, “अकरम खान उन लोगों में से हैं, जिन्होंने अपने लिए कम और खिलाड़ियों के भविष्य के लिए ज्यादा काम किया। हजारों बच्चों को खेल से जोड़ना और उन्हें बेहतर खिलाड़ी बनाना आसान काम नहीं है, लेकिन अकरम खान ने इसे अपने जीवन का मिशन बना लिया। उनके शिष्यों की उपलब्धियां आज देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रही हैं। राज्य सरकार द्वारा दिया गया सम्मान उनके लंबे संघर्ष, मेहनत और समर्पण का सच्चा सम्मान है।”

राष्ट्रीय खेल दिवस पर मिला यह सम्मान मोहम्मद अकरम खान के लंबे खेल सफर की एक बड़ी उपलब्धि बन गया है। खेल जगत का मानना है कि मैदान पर खिलाड़ियों को तैयार करने वाले ऐसे समर्पित लोग ही किसी प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

वॉलीबाल का अर्थ ही है अकरम भैया – हरमेश चवाड़ा

हरमेश चावड़ा ने कहा कि मोहम्मद अकरम खान का सम्मान वॉलीबॉल के लिए उनके वर्षों के समर्पण का सम्मान है। अकरम खान ने जिस तरह हजारों बच्चों को वॉलीबॉल से जोड़ा और उन्हें बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए मार्गदर्शन दिया, वह सराहनीय है। खिलाड़ियों के बीच वे केवल एक प्रशिक्षक या पदाधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि बड़े भाई की तरह हमेशा खड़े रहे हैं। यही वजह है कि खिलाड़ी उन्हें स्नेह और सम्मान से ‘अकरम भैया’ कहते हैं। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। राज्य खेल अलंकरण के माध्यम से उन्हें मिला यह सम्मान निश्चित रूप से नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को भी प्रेरणा देगा।

वॉलीबॉल के मैदान से शुरू हुआ अकरम खान का सफर आज हजारों खिलाड़ियों की सफलता की कहानी बन चुका है। राज्य खेल अलंकरण में मिला सम्मान उनके उसी समर्पण, संघर्ष और खेल के प्रति जुनून पर लगी एक और बड़ी मुहर है।



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