ताजमहल के मुख्य मकबरे तक जाने वाली सीढ़ियों को ठीक करने का कार्य शुरू

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आगरा। उत्तर प्रदेश के जनपद आगरा में विश्व धरोहर ताजमहल में मुख्य मकबरे की ओर जाने वाली सीढ़ियों के ऊपर लगे फ्रेम की लकड़ी चिकनी हो जाने से पर्यटकों की फिसलने की बढ़ती घटनाओं के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ए एस आई )ने इसे बदलने का काम शुरू कर दिया है। अब इसको हटाकर नया फ्रेम लगाया जा रहा है।

आगरा में विश्व धरोहर ताजमहल को देखने प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग वहां पहुंचते हैं। मुख्य मकबरे की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर बड़ी संख्या में पर्यटकों का प्रतिदिन चढ़ना उतरना रहता है।

चिकनी होने की वजह से पर्यटकों के पैर मुड़ने, फिसलने से सीढ़ियों से उनके गिरने की घटनाएं कुछ दिनों से बढ़ रही थीं। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सीढ़ियों के ऊपर लगी फ्रेम को बदलने का काम शुरू कर दिया गया है।

ताजमहल पर तैनात वरिष्ठ संरक्षण सहायक कलंदर बिन्द ने बताया कि ताजमहल में मुख्य मकबरे की ओर जाने वाली मूल सीढ़ियां संगमरमर की बनी हुई हैं।

सन 2012 में इन सीढ़ियों के चिकनी हो जाने पर फिसलने की घटनाएं बढ़ी थीं, तब यूनेस्को की सलाह पर पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा इन मूल सीढ़ियों के ऊपर लोहे के फ्रेम में लकड़ियों के सलेब्स (पट्टे )लगाये गये थे।

लकड़ी की सतह खुरदरी होने के कारण फिसलने की घटनाएं बंद हो गईं थीं। विगत कुछ वर्षों से यह लकड़ी की सतह पर्यटकों के भारी तादाद में चढ़ने उतरने से काफी चिकनी हो गई है।

जिस फ्रेम में लकड़ियां लगी हुई हैं, वह फ्रेम भी कमजोर हो गए हैं। इससे पर्यटकों को सीढ़िओं पर आवागमन में असुविधा हो रही थी। विगत में कुछ पर्यटकों के फिसल कर गिरने की घटनाएं भी हुई हैं।

कलंदर बिन्द ने बताया कि मकबरे की ओर जाने-आने के लिए 22-22 सीढ़ियां हैं। शुक्रवार को ताजमहल पर्यटकों के लिए बंद रहता है।

अतः पहले चरण में एक तरफ की 22 सीढ़ियों पर लकड़ी के स्लीपर बदलने का काम शुक्रवार को शुरू किया गया जो आने वाले कुछ शुक्रवारों में भी जारी रहेगा।

इस दौरान पुराने लोहे के फ्रेम सहित लकड़ियों को बदलने का काम चल रहा है। पुराना फ्रेम लोहे का बना था जो ढीला और कुछ स्थानों पर क्षतिग्रस्त भी हो गया था।

इस पर लगे लकड़ी के स्लीपर भी काफी चिकने हो गए थे जिनको बदलने की अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिलने के बाद अब जो फ्रेम लगाए जा रहे हैं, वह स्टेनलेस स्टील से बने हैं।

इन पर जंग का प्रभाव नहीं होगा। इस बार साल की लकडी के स्लीपर इस फ्रेम में लगाए जा रहे हैं। इसे खुरदरा रखा गया है। ताकि पर्यटकों को चढ़ने उतरने में दिक्कत न हो।

इससे फिसलने की घटनाएं रुकेंगी। लकड़ी की स्लीपर लगने का काम पूरा होने के बाद इसको पेंट किया जाएगा। इसका रंग ताजमहल के मूल ढांचे से रखा जाएगा।

ताजमहल पर तैनात गाइड नितिन कुमार ने बताया कि यह सीढ़ियां पहले की तुलना में आकर्षक हैं और सुविधाजनक भी हैं। निश्चित रूप से इस फ्रेम के बाद पर्यटकों को चढ़ने उतरने में बेहतर आसानी होगी।

 



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