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Nag Panchami 2026: 17 अगस्त को नाग पंचमी, भूलकर भी न करें

By NS
On: August 16, 2026 1:40 PM
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Nag Panchami 2026: हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव के प्रिय नाग देवता की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग देवता की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और कई तरह की परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

इस साल नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा-पाठ के साथ कुछ विशेष नियमों का पालन करने की भी मान्यता है। कहा जाता है कि नाग पंचमी के दिन कुछ कार्यों से पूरी तरह बचना चाहिए। आइए जानते हैं वे 5 काम, जिन्हें इस दिन करने से परहेज किया जाता है।

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1. सांपों को परेशान न करें

नाग पंचमी को नाग देवता की पूजा और उनके संरक्षण से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए इस दिन किसी सांप को परेशान करना, उसे पकड़ना या नुकसान पहुंचाना उचित नहीं माना जाता। अगर कहीं सांप दिखाई दे तो उसके पास जाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उसे नुकसान न पहुंचाएं।

2. जमीन खोदने से बचें

नाग पंचमी के दिन जमीन खोदना भी शुभ नहीं माना जाता। धार्मिक मान्यता के अनुसार सांप जमीन के अंदर बने बिलों में रहते हैं, इसलिए इस दिन खेत जोतने, जमीन खोदने या किसी निर्माण के लिए नींव खोदने से परहेज किया जाता है। हालांकि, जरूरी परिस्थितियों में सुरक्षा और व्यावहारिक जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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3. धारदार चीजों का इस्तेमाल न करें

मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन चाकू, सुई और अन्य धारदार वस्तुओं के इस्तेमाल से बचना चाहिए। कई स्थानों पर इस दिन सिलाई-कढ़ाई या बुनाई जैसे काम न करने की भी परंपरा है। इसे नाग देवता के प्रति सम्मान और अहिंसा की भावना से जोड़कर देखा जाता है।

4. लोहे के बर्तनों के इस्तेमाल से बचें

नाग पंचमी के दिन लोहे के बर्तनों और विशेष रूप से लोहे के तवे का इस्तेमाल न करने की भी धार्मिक मान्यता है। कुछ परंपराओं में इस दिन लोहे से जुड़े कामों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से नाग देवता की कृपा बनी रहती है।

5. तामसिक भोजन से करें परहेज

नाग पंचमी के दिन सात्विक जीवनशैली अपनाने की परंपरा है। इसलिए मांसाहार और मदिरा के साथ-साथ कई परिवारों में प्याज-लहसुन जैसे खाद्य पदार्थों से भी परहेज किया जाता है। इस दिन पूजा-पाठ और व्रत के साथ मन को शांत और शरीर को शुद्ध रखने पर जोर दिया जाता है।

 



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