दुर्ग। पुलगांव थाना क्षेत्र में महिला की हत्या के अंधे कत्ल की गुत्थी को दुर्ग पुलिस ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों की मदद से चंद घंटों में सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बोल्डर पत्थर, घटना के समय पहने गए कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को परिजनों ने भगवंतीन साहू के लापता होने की सूचना दी थी। उसी रात पुलगांव नाला फ्लाईओवर के समीप झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना मिली। जिला अस्पताल में परिजनों ने शव की पहचान भगवंतीन साहू के रूप में की। पोस्टमार्टम और प्रारंभिक जांच में सिर, चेहरे और हाथ पर गंभीर चोटों के साथ हत्या की पुष्टि होने पर पुलगांव थाना में अपराध दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा स्थानीय लोगों, मजदूरों और ई-रिक्शा चालकों से पूछताछ की। वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह नितेश ठाकुर और हर्ष यादव पर गया। हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाले दिन वे शराब के नशे में थे। तहसील कार्यालय के पास उनकी मुलाकात महिला से हुई, जिसे पैसों का लालच देकर ई-रिक्शा से पुलगांव नाला के पुराने पुल के पास सुनसान स्थान पर ले गए। वहां महिला के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया। महिला द्वारा विरोध करने और पुलिस में शिकायत करने की बात कहने पर दोनों ने उसकी हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने गमछे से महिला का गला दबाया, जबकि दूसरे आरोपी ने बोल्डर पत्थर से उसके सिर और चेहरे पर कई वार किए। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए और अपने कपड़े बदलकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बोल्डर पत्थर, घटना के समय पहने गए कपड़े तथा अन्य भौतिक साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई और विवेचना जारी है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।







