प्रदेश भाजपा ने की राज्यसभा चुनाव में विपक्ष की गैरमौजूदगी की आलोचना

NFA@0298
2 Min Read



गुवाहाटी। असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता कमल कुमार मेधी ने दावा किया है कि राज्य की राजनीति लगभग विपक्ष-रहित हो गई है। उन्होंने कहा कि विपक्षी राजनीतिक दलों के बीच जिस कथित गठबंधन की चर्चा होती है, वह केवल मीडिया तक ही सीमित है और वास्तविक राजनीति में उसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं देता।

गुरुवार को जारी एक बयान में कमल कुमार मेधी ने कहा कि असम की विपक्षी पार्टियों के बीच न तो कोई ठोस राजनीतिक गठबंधन है और न ही किसी मुद्दे पर साझा सहमति। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान विपक्ष की पूरी तरह निष्क्रिय भूमिका से यह बात स्पष्ट हो गई है।

मेधी ने कहा कि असम की तीन राज्यसभा सीटें खाली होने के बावजूद विपक्षी दल चुनाव लड़ने के लिए आगे नहीं आए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी अक्सर “लड़ाई होगी” का नारा देती है, उसने राज्यसभा चुनाव लड़ने से ही परहेज किया और राजनीतिक मैदान से दूरी बनाए रखी। उनके अनुसार कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनावी मुकाबले से लगभग पीछे हटने का रास्ता चुना।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भले ही संख्या बल के आधार पर यह लगभग तय था कि सत्तारूढ़ दल पहली और दूसरी राज्यसभा सीटें जीत जाएगा, लेकिन तीसरी सीट विपक्षी दलों के लिए एकजुट होकर मुकाबला करने का अवसर थी। उनका कहना था कि जीत और हार राजनीति का हिस्सा हैं, फिर भी विपक्ष तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारकर अपने कथित गठबंधन की ताकत और गंभीरता जनता के सामने दिखा सकता था।

मेधी ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों द्वारा नामांकन पत्र तक दाखिल न करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि असम में विपक्षी राजनीति लगभग अपना अस्तित्व खो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि हालिया घटनाक्रम से यह संकेत मिलता है कि आने वाले विधानसभा चुनावों में भी विपक्षी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं।



Source link

Share This Article
Leave a Comment