

शाहजहांपुर। साहित्यिक संस्था इदराक एवं नज़र मेमोरियल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में बीती रात मोहल्ला हाथीथान स्थित शिक्षक इरफ़ान अहमद अंसारी के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध उर्दू कहानीकार इरफ़ान अहमद अंसारी द्वारा संपादित नदीम अंसारी की कहानियों के संग्रह “मंज़िल से दूर” का विमोचन किया गया। प्रोग्राम की अध्यक्षता अशफ़ाक़ उल्ला ख़ां ने की। मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर ग़ुलाम अशरफ़ क़ादरी, विशिष्ट अतिथि डॉक्टर मंसूर अहमद सिद्दीक़ी तथा अज़ीम शाहजहांपुरी उपस्थित रहे। साहित्यिक संस्था इदराक के संस्थापक एवं महासचिव असग़र यासिर तथा नज़र मेमोरियल सोसाइटी के संस्थापक एवं महासचिव हमीद ख़िज़र ने संपादक इरफ़ान अहमद अंसारी को स्मृति-चिह्न एवं शॉल भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ, प्रो. ग़ुलाम अशरफ़ क़ादरी, डॉ. मंसूर अहमद सिद्दीकी, अज़ीम शाहजहांपुरी, ज़ुबैर आलम अंसारी, फ़हीम बिस्मिल, राशिद हुसैन राही तथा इशरत सग़ीर ने पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि “मंज़िल से दूर” समकालीन जीवन और सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्त करने वाला एक महत्वपूर्ण कहानी-संग्रह है तथा इसके संपादक का यह प्रयास साहित्य जगत के लिए सराहनीय है। इरफान अहमद अंसारी ने संग्रह और अपनी साहित्यिक यात्रा के बारे में बताया। कार्यक्रम की शुरुआत हाफ़िज़ क़ासिम अख़्तर ने तिलावत-ए-क़ुरआन से की, जबकि रैहान क़ादरी ने नात पेश कर माहौल को आध्यात्मिक रंग प्रदान किया। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, शॉल ओढ़ाकर एवं बैज लगाकर किया गया। समारोह में सूफी खलीक अहमद साबरी, मोहम्मद अरशद अंसारी, इमरान सईद, शारिक अक्स, ग़यास अहमद, सुधाकर तिवारी एडवोकेट, परवेज़ अहमद ख़ां, हर्ष दीक्षित, रिज़वान अहमद, नईम अहमद, मोहम्मद राशिद, शकील अहमद, फ़ैसल फ़ैज़ , मोहम्मद अफ़ज़ाल, मोहम्मद फ़ैसल सलमान, मोहम्मद अंसार, हिना शकील, हुमा शकील, लाइबा नूर, हुदा फ़ातिमा सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संचालन फ़हीम बिस्मिल ने किया। अंत में कार्यक्रम के संयोजक राशिद हुसैन राही ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।


