नई दिल्ली। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए सैन्य हमले की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसे साम्राज्यवादी आक्रमण बताया और वेनेजुएला की जनता के साथ एकजुटता जताई है।
पार्टी के बयान के अनुसार, आज सुबह अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास सहित कई जगहों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर ले जाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसकी घोषणा की।
भाकपा (माले) का कहना है कि यह हमला सिर्फ वेनेजुएला सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका और दुनिया भर के उन लोगों के खिलाफ है जो अमेरिकी दादागीरी का विरोध करते हैं। असल मकसद वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों पर कब्जा करना और वहां कठपुतली सरकार स्थापित करना है। पार्टी ने इसे अमेरिकी साम्राज्यवाद की पुरानी नीति बताया, जिसमें चुनावों में हेरफेर, आंदोलनों को कुचलना और नार्को-आतंकवाद जैसे बहाने बनाए जाते हैं।
बयान में कहा गया है कि यह हमला लैटिन अमेरिका के शांतिपूर्ण क्षेत्रों पर हमला है और इससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी। पार्टी ने वेनेजुएला की जनता से अपील की है कि वे साम्राज्यवादी हस्तक्षेप के खिलाफ एकजुट होकर अपनी संप्रभुता, राजनीतिक स्वतंत्रता और आर्थिक अधिकारों की रक्षा करें।
भाकपा (माले) ने दुनिया भर की लोकतांत्रिक और शांतिप्रिय ताकतों से अमेरिकी आक्रमण की निंदा करने और ट्रंप की विस्तारवादी नीति का विरोध करने का आह्वान किया है।
सीपीआई (एमएल) रेड स्टार ने बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) रेड स्टार ने इस भी हमले की कड़ी निंदा की है। पार्टी का कहना है कि यह अमेरिकी साम्राज्यवाद का खुला उल्लंघन है, जो वेनेज़ुएला की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। पार्टी ने दुनिया की जनता से अमेरिकी सेना की वापसी और वेनेज़ुएला की आजादी की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की है।
पार्टी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सत्ता में आने के बाद से ही ‘अलगाववादी’ ट्रंप पूरे अमेरिकी महाद्वीप को अमेरिकी साम्राज्यवादी फरमान के तहत “संरक्षित क्षेत्र” बनाने के लिए मुनरो सिद्धांत का खुला आह्वान करते रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बताने में भी कोई संकोच नहीं किया।
बेशक, अमेरिकी साम्राज्यवाद पूरे लैटिन अमेरिका को अपना पिछवाड़ा मानता है। शुरू से ही ट्रंप की नजर वेनेज़ुएला के विशालतम तेल भंडार और 1.36 ट्रिलियन डॉलर मूल्य की खनिज संपदा पर थी। लैटिन अमेरिका और कैरिबियन की पूरी प्राकृतिक संपदा को ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA)’ के तहत अमेरिका की रणनीतिक संपत्ति बनाने की योजना के हिस्से के रूप में यह किया गया।
इसी दृष्टिकोण से ट्रंप प्रशासन ने एक सुविचारित ‘शासन परिवर्तन’ रणनीति बनाई, मादुरो सरकार को “नार्को-आतंकवादी” और “आतंकी ड्रग कार्टेल” करार दिया, जबकि अनेक अध्ययनों ने पहले ही वैश्विक नशीले पदार्थों के कारोबार में अमरीका की कुख्यात गुप्तचर संस्था सीआईए की संलिप्तता को उजागर किया है।
पार्टी ने मांग की है कि पूरे लैटिन अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक बुलाने की मांग के साथ आगे आना चाहिए, ताकि अमेरिका द्वारा किए गए इस आतंकी हमले पर चर्चा हो सके।

