
नई दिल्ली। राज्यसभा में 73 विपक्षी सांसदों सेक्रेटरी जनरल को भारत के राष्ट्रपति को संबोधित प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए एक नया नोटिस ऑफ मोशन सौंपा है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) को पद से हटाने का आग्रह किया गया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि 13 पार्टियों के सांसदों द्वारा यह मांग 15 मार्च को और उसके बाद उनके द्वारा किए गए कृत्यों और गलतियों के आधार पर सिद्ध दुराचार के आधार पर की गई है, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 324(5) को अनुच्छेद 124(4) के साथ पढ़ते हुए, साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की धारा 11(2) तथा न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के अंतर्गत आता है।
जयराम रमेश के अनुसार, अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नौ विशिष्ट आरोप हैं, जिन्हें बेहद विस्तार से दर्ज किया गया है और जिन्हें न तो नकारा जा सकता है और न ही दबाया जा सकता है। उनका पद पर बने रहना संविधान पर एक हमला है। यह पूरी तरह शर्मनाक है कि वह व्यक्ति अब भी पद पर बना हुआ है, ताकि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारों पर काम कर सके। गौरतलब है कि चुनाव आयुक्त के खिलाफ पूर्व के प्रस्ताव को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में आसन प्रमुख द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था।


