दुर्ग। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारियों के पदोन्नति का मामला लंबे समय से लंबित होने के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है।
प्रदेश के सभी 33 जिलों में डिप्टी एमईआईओ के पद रिक्त बताए जा रहे हैं और इन पदों पर वर्तमान में प्रभारी अधिकारियों के माध्यम से काम चलाया जा रहा है। खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारियों की पदोन्नति के माध्यम से इन जिला स्तरीय पदों को भरा जाना प्रस्तावित है।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के दुर्ग संभाग के कार्यकारी संभागाध्यक्ष एवं पद प्रकोष्ठ के मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह रामटेके ने मीडिया को बताया कि डिप्टी एमईआईओ के रिक्त पदों को भरने के लिए खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई है।
उन्होंने बताया कि संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़, नया रायपुर द्वारा वर्ष 2022 में खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारियों की अंतिम वरिष्ठता सूची जारी की गई थी, लेकिन इसके बाद अब तक न तो नई सूची जारी की गई और न ही पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की गई है।दर्जनों पत्र, लेकिन सिर्फ आश्वासन

श्री रामटेके के अनुसार, संगठन की ओर से पदोन्नति एवं वरिष्ठता सूची जारी करने को लेकर संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ को दर्जनों बार पत्र लिखकर अनुरोध किया जा चुका है। इसके बावजूद हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उन्होंने कहा कि इस दौरान स्वास्थ्य संचालनालय में चार संचालक बदल चुके हैं, लेकिन खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारियों की पदोन्नति का मामला आज भी जस का तस बना हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यालयीन स्तर पर हर बार प्रक्रिया जल्द पूरी करने की बात कही जाती है और एक सप्ताह के भीतर वरिष्ठता सूची जारी करने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन वह एक सप्ताह आज तक नहीं आया।
प्रमोशन की प्रतीक्षा में सेवानिवृत्त हो गए कर्मचारीसंघ पदाधिकारी ने बताया कि लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कई खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी इसी दौरान सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इससे कर्मचारियों में निराशा और विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के साथ विभाग की उदासीनता उचित नहीं है।
अब न्यायालय की शरण लेने की तैयारीलगातार मांग और पत्राचार के बावजूद समाधान नहीं होने से अब खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
संघ ने संकेत दिया है कि यदि जल्द ही वरिष्ठता सूची जारी कर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो प्रभावित कर्मचारी न्यायालय की शरण लेने के लिए मजबूर होंगे।
संघ का कहना है कि प्रदेश के 33 जिलों में रिक्त डिप्टी एमईआईओ के पदों को नियमित पदोन्नति के माध्यम से भरा जाना चाहिए, ताकि विभागीय कार्यों में भी गति आए और लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को उनका अधिकार मिल सके।








