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‘सिर्फ टैलेंट नहीं, दबाव झेलने का दम चाहिए’, 2027 वर्ल्ड कप

By NS
On: September 2, 2026 7:55 PM
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नई दिल्ली। World Cup 2027: भारतीय क्रिकेट टीम की नजरें अब 2027 वनडे वर्ल्ड कप पर हैं। 2023 में घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन के बावजूद फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद टीम इंडिया एक बार फिर विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

2027 वर्ल्ड कप को लेकर टीम इंडिया की तैयारियों और संभावित खिलाड़ियों पर चर्चा शुरू हो चुकी है। इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर और दुनिया के बेहतरीन फील्डर्स में शुमार जोंटी रोड्स ने भारतीय टीम को लेकर बड़ा बयान दिया है।

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रोड्स के मुताबिक, बड़े टूर्नामेंट में सिर्फ प्रतिभा और अच्छी फॉर्म काफी नहीं होती, बल्कि दबाव को संभालने की क्षमता और मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी होती है। उन्होंने भारतीय टीम के दो अनुभवी सितारों रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर खास बात कही है।

रोहित का अनुभव और विराट का जुनून आएगा काम

जोंटी रोड्स का मानना है कि अगर 2027 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा और विराट कोहली टीम इंडिया का हिस्सा रहते हैं, तो इसका टीम को काफी फायदा मिल सकता है।

रोड्स ने रोहित के अनुभव को भारतीय टीम के लिए बड़ी ताकत बताया। वहीं विराट कोहली की मैच जिताने की भूख और मैदान पर दबाव झेलने की क्षमता की उन्होंने जमकर तारीफ की।

उन्होंने कहा कि विराट में क्रिकेट को लेकर गजब का जुनून है और वह उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें मैच जीतने की भूख हमेशा मैदान पर प्रेरित करती है।

‘विराट दुनिया के सबसे बेहतरीन चेजर्स में से एक’

विराट कोहली की तारीफ करते हुए रोड्स ने उन्हें एक शानदार रन चेजर बताया। उनके मुताबिक, विराट को लक्ष्य का पीछा करते समय दबाव में खेलना पसंद है और यही मानसिकता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

रोड्स ने विराट की तुलना ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की उस मानसिकता से भी की, जिसमें खिलाड़ी किसी भी परिस्थिति में मुकाबला जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक देता है।

उनके मुताबिक, बड़े टूर्नामेंट में ऐसी मानसिकता बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि मैच के दौरान दबाव लगातार बढ़ता रहता है।

वर्ल्ड कप में सिर्फ टैलेंट से नहीं चलेगा काम

2027 वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है। ऐसे में परिस्थितियां भी टीमों के लिए बड़ी चुनौती होंगी।

जोंटी रोड्स ने कहा कि उन्होंने खुद चार वर्ल्ड कप खेले हैं और वह जानते हैं कि इस स्तर के टूर्नामेंट में खिलाड़ियों पर कितना दबाव होता है।

उनके मुताबिक खिलाड़ी शारीरिक रूप से कितना भी फिट क्यों न हो, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर मानसिक रूप से मजबूत रहना बेहद जरूरी है।

यही वजह है कि उनके मुताबिक अनुभव रखने वाले खिलाड़ी टीम के युवा सदस्यों के लिए मुश्किल परिस्थितियों में काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।

शुभमन गिल को दी सीनियर्स से सलाह लेने की सलाह

रोड्स ने भारतीय टीम के युवा कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी को लेकर भी अहम बात कही।

उनका मानना है कि कप्तान होने का मतलब यह नहीं है कि हर फैसला अकेले लेना जरूरी है। गिल को टीम में मौजूद अनुभवी खिलाड़ियों से सलाह लेने में किसी तरह की झिझक नहीं होनी चाहिए।

रोड्स के मुताबिक रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की सलाह युवा कप्तान के लिए उपयोगी हो सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला कप्तान को ही लेना होता है और यही नेतृत्व की सबसे बड़ी चुनौती भी है।

साउथ अफ्रीका की पिचों पर भारत को मिल सकता है फायदा

2027 का वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाएगा। दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों को देखते हुए जोंटी रोड्स ने भारतीय बल्लेबाजों के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।

उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर अक्सर गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों के आधुनिक शॉट्स उन्हें फायदा पहुंचा सकते हैं।

भारतीय बल्लेबाजों के स्कूप और रैंप शॉट्स का जिक्र करते हुए रोड्स ने कहा कि इन शॉट्स का इस्तेमाल दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों में प्रभावी हो सकता है।

2023 की हार से सबक लेकर उतरेगी टीम इंडिया

भारतीय टीम ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने लगातार मुकाबले जीतते हुए फाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

अब 2027 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के सामने उस अधूरे सपने को पूरा करने की चुनौती होगी। हालांकि तब तक टीम का स्वरूप काफी बदल सकता है और युवा खिलाड़ियों को ज्यादा जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

ऐसे में रोहित और विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी, अगर टीम मैनेजमेंट उन्हें उपलब्ध विकल्पों में शामिल करता है, तो ड्रेसिंग रूम से लेकर बड़े मुकाबलों के दबाव तक कई स्तरों पर टीम के लिए अहम साबित हो सकती है।

जोंटी रोड्स की बातों का सार यही है कि वर्ल्ड कप सिर्फ प्रतिभा का मंच नहीं है। यहां असली परीक्षा दबाव में सही फैसला लेने और मुश्किल समय में खुद को संभालने की होती है। यही खूबी 2027 में टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा एक्स-फैक्टर बन सकती है।



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