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मोबाइल की नशा भी घर परिवार समाज संतान को बर्बाद कर रही है बचे और बचाए,,, ब्र.कु. बहन विद्या

By NS
On: August 11, 2026 1:25 PM
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  • परमात्मा के संतान को सद्गुणों में रहना चाहिए,,,
  • नशा मन को गुलाम बनाती है बचे मन का मालिक बने,,,,
  • ज्ञानियों द्वारा नशा अज्ञानता की पराकाष्ठा है,,,

जामगांव आर।प्रजापिता ब्रह्माकुमारी जामगांव आर द्वारा 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के तारतम्य में सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामगांव आर के प्रार्थना हॉल में नशा मुक्ति पर प्रभावी व्याख्यान हुआ।प्राचार्य पीएल बारले ,उप प्राचार्य लिकेश्वर साहू, पवन बंछोर, मानसी यादव धनेश्वरी साहू ,शशि यादव,नम्रता पटेल ,योगिता साहू,प्रीति कोसरे, निखलेश,ज्योति साहू, कविता साव, प्रीति साहू, प्रियंका साहू ,हथेश्वर साहू,सहित विधार्थियो ने व्याख्यान का लाभ लिया।

जश्न और गम दोनों में नशा विडंबना है,,,,

ब्रम्हाकुमारी बहन विद्या ने कहा कि नशा सर्वनाश का कारण बनती है नशा घर परिवार समाज और संतान के भविष्य को बर्बाद करती है। विडंबना है जश्न मनाने में भी नशा करते है लोग और गम दुख मिटाने में भी नशा करते है लोग ये कैसी फितरत है आदमी की।नशा का तांडव तो तब हैरान करती है जब पढ़े लिखे ज्ञानी समझे जाने वाले लोग नशा करने का इतिहास लिखते है।ज्ञानी और नशा की अज्ञानता स्वयं की प्रतिभा को चूर चूर कर देती है।नशा से दूर रहने में ही जीवन की सार्थकता है। इस बात को भली भांति सबको समझ लेना चाहिए।बहन विद्या का प्राचार्य पीएल बारले ने किया अभिनंदन स्वागत ,नशा नहीं करने की बच्चो ने लिया शपथ,,,

सद्गुणों में जीवन जीना चाहिए,,,,

नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत बहन विद्या ने बच्चों को बताया कि हम सभी परमात्मा की संतान हैं। परमात्मा गुणों और शक्तियों का सागर है। जब परमात्मा गुणों और शक्तियों का सागर है, तो हम बच्चों के अंदर भी अनेक गुण और शक्तियाँ हैं।
बस इस दुनिया में आने के बाद विभिन्न परिस्थितियों ने हमारे उन मौलिक गुणों को कहीं न कहीं छिपा दिया है। हमें अपने गुणों को सदा प्रकट रखना है, अर्थात् हमेशा सद्गुणों में रहना है।

नशा से नकारात्मक संस्कार बनते है,,,,

उन्होंने कहा कि कभी भी नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना है, क्योंकि नशे से हमारे अंदर नकारात्मक संस्कार बनते हैं और हम बुरे कर्मों की ओर बढ़ने लगते हैं। इसलिए हमें सदैव अपने सामने परमात्मा, देवी-देवताओं एवं महान आत्माओं को आदर्श रखना चाहिए और उनके आदर्शों को देखकर अपना जीवन जीना चाहिए।

नशा गुलाम बनाती है मालिक नहीं,,,,,,,

विद्या बहन ने कहा कि मोबाइल का नशा भी एक बड़ा घातक नशा है। मोबाइल की नशा के कारण रिश्तों में खटास और तनाव बढ़ने लगी है।पत्नी पति के बीच मोबाइल की नशा ने घर का वातावरण दूषित होने लगा है बच्चों में मोबाइल की नशा ने तो बचपन का आनंद ही छीन लिया है इसके अलावा शराब, सिगरेट आदि नशों से भी हमें दूर रहना चाहिए। नशे की आदत इंसान को धीरे-धीरे अपना गुलाम बना लेती है और उसके जीवन को बर्बाद कर देती है इसलिए हमें किसी भी प्रकार के नशे को हाथ तक नहीं लगाना है और न ही नशे की आदत डालनी है। नशा मुक्त जीवन जीते हुए मन का मालिक बने गुलाम नहीं।



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