

कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए आज हो रही मतगणना में जिन सीटों पर सबकी नज़रें टिकी है उनमें कोलकाता की भवानीपुर सेट का नाम सबसे ऊपर है। भवानीपुर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी के लिए ईस बार मुकाबला उतना आसान नहीं दिख रहा, जितना पूर्व में हुआ करता था। इस बार भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की ओर से उन्हें कड़ी टक्कर मिलने की संभावना जताई जा रही है।
2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराने के बाद शुभेंदु अधिकारी का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। वहीं, राजनीतिक तौर पर उनके पास खोने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है, जिससे यह मुकाबला और भी दिलचस्प बन गया है। ऐसे में भवानीपुर सीट पर इस बार कड़ा और बराबरी का मुकाबला देखने को मिला है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, भवानीपुर में ईवीएम के जरिए मतगणना कुल 20 राउंड में होगी।
चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने सर्वधर्म समभाव और विकास के मुद्दों पर जोर दिया। उन्होंने प्रचार के अंतिम चरण में सक्रिय रूप से भाग लिया, जबकि उनके क्षेत्र में अधिकतर समय मंत्री फिरहाद हाकिम ने प्रचार संभाला।
दूसरी ओर, भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने पूरे प्रचार अभियान में हिंदुत्व के मुद्दे को प्रमुखता दी। उन्होंने भवानीपुर के गैर-बंगाली हिंदू मतदाताओं—जैसे गुजराती, राजस्थानी और मारवाड़ी समुदाय—को साधने की कोशिश की।
2021 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से तृणमूल के शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने 73,505 वोट (57.71%) हासिल कर भाजपा के रुद्रनील घोष को 28,719 वोटों से हराया था। बाद में नंदीग्राम में हार के चलते शोभनदेव ने यह सीट ममता बनर्जी के लिए छोड़ दी।
इसके बाद हुए उपचुनाव में ममता बनर्जी ने भाजपा उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल को रिकॉर्ड 58,832 वोटों से हराया था। जीत के बाद उन्होंने कहा था कि भवानीपुर में करीब 1.15 लाख वोट पड़े थे।
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में कोलकाता नगर निगम के आठ वार्ड—63, 70, 71, 72, 73, 74, 77 और 82—शामिल हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से यहां भाजपा का प्रभाव बढ़ा है। यहां तक कि पिछले लोकसभा चुनाव में तृणमूल को ममता बनर्जी के गढ़ माने जाने वाले वार्ड 73 से भी बढ़त नहीं मिली थी। अब मतगणना के नतीजे तय करेंगे कि भवानीपुर में आखिरी जीत किसकी होगी।


