
अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम बिजौरा, सरई चौकी, थाना कारणपठार और उमरिया जिले की सीमा पर शुक्रवार शाम तिवनी गांव के पास सड़क हादसे में एक श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिया में पलटने से 6 लोगों की मृत्यु रात में हो गई। वहीं 22 घायलों का मेडिकल कॉलेज शहडोल में इलाज जारी है। सभी ग्रामवासी पड़मनिया से बड़ा देव की पूजा-अर्चना के लिए ग्राम बिजौरा जा रहे थे। Badadev Accident
दूसरी ओर यह घटना ग्रामीण इलाकों में मालवाहक वाहनों को यात्री वाहन बना कर उपयोग किया जा रहा है। जिससे लोगों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। यह घटना ग्रामीण इलाकों में यातायात के नियमों की पोल खोलती नजर आ रही है।

बड़ा देव की पूजा करने जा रहे यात्रियों का ट्रैक्टर हादसे का शिकार
दरअसल शुक्रवार को जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम बिजौरा, सरई चौकी, थाना कारणपठार अनूपपुर और उमरिया जिले की सीमा पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से हादसा हुआ। सभी ग्रामवासी पड़मनिया से पूजा-अर्चना के लिए ग्राम बिजौरा जा रहे थे। इस दुखद हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है, वहीं 22 घायलों का मेडिकल कॉलेज शहडोल में इलाज जारी है।
काल के गाल में समा गईं 6 जानें

इस दुर्घटना में छः लोगों की जाने चली गई है। सभी मृतक ग्राम पड़मनिया के निवासी हैं। दो की घटना स्थल पर, दो पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और दो की मौत मेडिकल कॉलेज शहडोल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतकों में एक पंद्रह वर्षीय लड़का भी शामिल हैं। मृतकों में 45 वर्षीय घनश्याम सिंह, वर्षीय सहबल बैगा, 50 वर्षीय भूपत सिंह और 60 वर्षीय बीर सिंह के अलावा 15 वर्षीय धर्मपाल एवं 40 वर्षीय कृष्णपाल सिंह शामिल है।
38 घायल, अस्पताल में भर्ती
हादसे में 38 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायलों को जिला चिकित्सांलय उमरिया एवं गंभीर घायलों का मेडिकल कॉलेज शहडोल में इलाज जारी
संभागायुक्त – कलेक्टर देर रात मेडिकल कॉलेज पहुंच कर घायलों का जाना हालचाल

शहडोल संभागायुक्त सुरभि गुप्ता एवं अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने देर रात मेडिकल कॉलेज शहडोल पहुंच कर घायलों का हालचाल जाना और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने शहडोल मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायल मरीजों से मुलाकात की, उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य का हाल जाना और परिजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज मुहैया कराया जाए। इस दुखद हादसे में काल- कवलित परिजनों 8 लाख की सहायता राशि दी जायेगी। जिसमे मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 4-4 लाख एवं संबल योजना के अंतर्गत 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था का यही हाल
शहरी इलाकों में प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चला कर ओवरलोड वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जाती है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में इसी प्रकार ओवरलोड वाहनों का चलन जारी है। मालवाहक गाड़ियों को सवारी गाड़ियों के रूप में उपयोग कर लोगों को जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इससे पहले भी कई बार मालवाहक वाहनों में बड़ी संख्या में यात्रियों के बैठने के चलते बड़ा हादसा हुआ है। शुक्रवार को हुए हादसे ने प्रशासन द्वारा चलाए जाने वाले अभियानों की पोल खोल कर रख दी है।


