प्रौद्योगिकी दिवस पर उपराष्ट्रपति का संदेश,पोखरण की गूंज से महाशक्ति बना भारत

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर सोमवार को देशभर में वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं के योगदान को याद किया गया। इस मौके पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने देश के वैज्ञानिक समुदाय को शुभकामनाएं देते हुए भारत की तकनीकी उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता की यात्रा को रेखांकित किया।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 11 मई 1998 को पोखरण परीक्षण ने पूरी दुनिया को भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता का परिचय कराया था। उन्होंने इसे भारत की रणनीतिक शक्ति और आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि देश के वैज्ञानिकों और शोधकतार्ओं के समर्पण के कारण भारत विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रौद्योगिकी केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति बन चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष अनुसंधान, 5जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भारत की तेजी से बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पोखरण-द्वितीय परमाणु परीक्षण को भारत के वैज्ञानिक इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय बताते हुए उन वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को नमन किया, जिन्होंने देश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भारत आज तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को याद करते हुए कहा कि पोखरण परीक्षण ने भारत की वैज्ञानिक शक्ति को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई थी।



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