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पुराने डीजल वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत! IIT दिल्ली की

By NS
On: September 6, 2026 11:10 AM
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नई दिल्ली: पुराने डीजल वाहनों के मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब प्रदूषण फैलाने वाले पुराने डीजल वाहनों को तुरंत स्क्रैप कराने के बजाय उनमें एक खास रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस (RECD) लगाने का विकल्प मिल सकता है। इस तकनीक को IIT दिल्ली से जुड़े वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पुराने डीजल वाहनों में इस तकनीक के इस्तेमाल को लेकर हरी झंडी दिए जाने की जानकारी दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस डिवाइस की कीमत करीब ₹4,000 से ₹5,000 के आसपास हो सकती है।

90 फीसदी तक कम हो सकता है प्रदूषण

IIT दिल्ली की विकसित तकनीक का मुख्य उद्देश्य पुराने डीजल वाहनों से निकलने वाले हानिकारक उत्सर्जन को कम करना है। रिपोर्टों के अनुसार, RECD डिवाइस वाहनों से निकलने वाले पार्टिकुलेट मैटर (PM) को करीब 90 फीसदी तक कम करने में मदद कर सकती है। वहीं, NOx उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी का दावा किया गया है। इस तकनीक का इस्तेमाल खासतौर पर पुराने BS-III और BS-IV डीजल ट्रक एवं बसों को कम प्रदूषण वाले स्तर तक लाने के लिए किया जा सकता है।

सिर्फ ₹5 हजार के आसपास आएगा खर्च

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सबसे खास बात इसकी संभावित कीमत है। जहां पुराने वाहन को स्क्रैप करने पर वाहन मालिक को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, वहीं इस डिवाइस को लगवाने में शुरुआती तौर पर करीब ₹4,000-₹5,000 का खर्च बताया जा रहा है। इससे पुराने कमर्शियल डीजल वाहनों को प्रदूषण मानकों के करीब लाने और उन्हें सड़क पर चलाने का एक वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है।

कैसे काम करती है RECD डिवाइस?

RECD यानी Retrofit Emission Control Device को पुराने डीजल वाहन के एग्जॉस्ट सिस्टम में लगाया जाता है। इसका काम इंजन से निकलने वाले प्रदूषक कणों को नियंत्रित करना है। यानी वाहन का पूरा इंजन बदलने या वाहन को स्क्रैप करने के बजाय उत्सर्जन नियंत्रण प्रणाली को अपग्रेड किया जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस पहल को हर पुराने डीजल निजी वाहन पर स्वतः लागू नहीं माना जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी में इसका प्रमुख फोकस पुराने डीजल ट्रक और बसों पर है।

वाहन मालिकों को क्या फायदा होगा?

अगर यह व्यवस्था बड़े स्तर पर लागू होती है तो पुराने डीजल कमर्शियल वाहन मालिकों को कई फायदे मिल सकते हैं—

(1)पुराने वाहन को तुरंत स्क्रैप कराने की जरूरत कम हो सकती है।
(2)कम लागत में उत्सर्जन कम करने का विकल्प मिलेगा।
(3)BS-III और BS-IV डीजल वाहनों को ज्यादा स्वच्छ बनाने में मदद मिल सकती है।
(4)वाहन मालिकों पर नए वाहन खरीदने का तत्काल आर्थिक दबाव कम हो सकता है।
(5)शहरों में डीजल वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

 



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