नई दिल्ली। Student Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद पहुंचने पर NDA सांसदों द्वारा किए गए उनके स्वागत को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस स्वागत पर बीजेपी को घेरते हुए तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि लाखों बच्चों और युवाओं के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
पेपर लीक और विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। शनिवार, 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सोमवार, 27 जुलाई को जब वह संसद पहुंचे तो NDA सांसदों ने मकर द्वार पर उनका स्वागत किया। उन्हें पाग पहनाया गया और सांसद सम्मान के साथ उन्हें सदन के अंदर लेकर गए।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत की तस्वीरें सामने आने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान भारत की खराब शिक्षा व्यवस्था के प्रतीक हैं और उनका इस्तीफा नैतिकता के आधार पर नहीं, बल्कि युवाओं के आक्रोश के कारण हुआ।
राहुल गांधी ने आगे कहा, “यह कोई सम्मान नहीं, लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है। देश का हर छात्र ये देख रहा है और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।”
NDA सांसदों ने संसद में किया स्वागत
धर्मेंद्र प्रधान के संसद भवन पहुंचने पर NDA सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया। सूत्रों के मुताबिक, इस स्वागत के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि प्रधान ने छात्रों और देश के हित को ध्यान में रखते हुए स्वेच्छा से इस्तीफा दिया और पार्टी तथा संगठन उनके साथ खड़े हैं।
इस्तीफे के बाद मिलने पहुंचे थे कई वरिष्ठ नेता
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता उनसे मिलने उनके आवास भी पहुंचे थे। इनमें अमित शाह, पीयूष गोयल, जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह, निर्मला सीतारमण, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई नेताओं के नाम शामिल हैं। बीजेपी नेताओं ने प्रधान के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से पद छोड़ा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और उसके बाद संसद में हुए स्वागत को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी के बयान के बाद शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है।







