डीड़ाभाठा में सुबह 5 बजे से खाद के लिए लाइन में खड़े किसान, यूरिया-डीएपी नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी

NFA@0298
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  • यूरिया-डीएपी की कमी से खरीफ फसल की तैयारी प्रभावित
  • जनप्रतिनिधियों ने एसडीएम से की चर्चा

रानीतराई। खरीफ फसल की तैयारी के बीच किसानों को खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। वृहताकार सेवा सहकारी समिति रानीतराई अंतर्गत आने वाले गांवों में किसान सुबह 5 बजे से ही खाद लेने के लिए कतार में खड़े होने को मजबूर हैं। पूरे दिन इंतजार के बाद भी कई किसानों को बिना खाद लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है।बोरिद समिति के बरबसपुर निवासी किसान पूनाराम चंद्राकर ने बताया कि एक एकड़ के लिए केवल आधा बोरी यूरिया और डीएपी खाद दिया जा रहा है, जिससे खेती की तैयारी प्रभावित हो रही है। किसानों में खाद की कमी को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी देखी जा रही है।विधायक प्रतिनिधि एवं पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू ने बोरिद, बोरवाय, डंगनिया और असोगा सोसायटियों का दौरा कर किसानों से चर्चा की। उन्होंने किसानों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की बात कही। साथ ही समिति प्रबंधकों और कर्मचारियों को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की सलाह दी।किसानों ने बताया कि रानीतराई समिति से अलग कर ग्राम असोगा में नई समिति बनाई गई है, लेकिन अभी तक वहां व्यवस्थाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। नए समिति भवन का उद्घाटन होने के बावजूद कार्यालय में ताला लगा हुआ है और कर्मचारी पुराने कार्यालय से ही काम कर रहे हैं। इससे औसर और डीघारी सहित आसपास के गांवों के किसानों को खाद-बीज के लिए भटकना पड़ रहा है।जनपद सदस्य रश्मि भेदप्रकाश वर्मा ने इस संबंध में पाटन एसडीएम लवकेश ध्रुव से दूरभाष पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नई समिति बनने का लाभ किसानों को मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान में किसानों को खाद के लिए लगातार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस पर एसडीएम ने बताया कि कुछ प्रशासनिक कारणों से नई व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है।मौके पर ईश्वर शर्मा, भेदप्रकाश वर्मा, द्वारिका साहू, अनिल चंद्राकर, मोहित चंद्राकर, भुवन साहू, मनोज वर्मा, नारद साहू, हेमलाल साहू, पोषण साहू, बालाराम कोसरे सहित बड़ी संख्या में किसान, सोसायटी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



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