झीरम घाटी मामले में बयानबाज़ी पड़ी भारी, कांग्रेस ने विकास तिवारी को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला

NFA@0298
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रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी के पूर्व वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी को गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप में छह वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। इस संबंध में शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से आधिकारिक आदेश जारी किया गया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विकास तिवारी ने कांग्रेस प्रवक्ता रहते हुए झीरम घाटी नरसंहार मामले में गठित न्यायिक जांच आयोग को आवेदन देकर पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मंत्री कवासी लखमा का नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने इस विषय में मीडिया को बयान भी दिए, जिसे पार्टी ने घोर अनुशासनहीनता माना।

आदेश में कहा गया है कि इस पूरे प्रकरण में विकास तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन पीसीसी को दिया गया उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

प्रदेश संगठन महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैंदु के हस्ताक्षर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विकास तिवारी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित किया जाता है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी मंच से या पद पर रहते हुए सार्वजनिक रूप से वरिष्ठ नेताओं पर आरोप लगाना या जांच की मांग करना अनुशासन के खिलाफ है और इस तरह के कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

इस कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस फैसले पर सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।



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