जीविका समूह और हमर हटरी की पहल को मिला राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

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दुर्ग। हमर हटरी बोरसी में अन्य राज्य से आए आगंतुकों का लगातार आगमन हो रहा है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के वर्धा से प्रख्यात दार्शनिक (फिलोसिफर) डॉ. सुरेश महेश्वरी का हमर हटरी बोरसी में आगमन हुआ। उन्होंने हमर हटरी का अवलोकन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराएं, पारंपरिक शिल्प और लोक-तत्व वास्तव में एक समृद्ध खजाना हैं।
डॉ. महेश्वरी ने जीविका स्व-सहायता समूह बोरसी की अध्यक्ष श्रीमती ललेश्वरी साहू (मिनी माता सम्मान, राज्य अलंकरण 2025) एवं समूह की महिलाओं को उनके सराहनीय कार्यों के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

हमर हटरी परिवार द्वारा डॉ. महेश्वरी का छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुरूप राजकीय गमछा भेंट कर एवं आदिवासी कलगी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। साथ ही मिलेट्स से बने पारंपरिक व्यंजन खिलाकर, खुमरी एवं फुलेता पहनाकर उनका अभिनंदन किया गया।
डॉ. सुरेश महेश्वरी ने जीविका समूह एवं हमर हटरी बोरसी की सतत प्रगति की कामना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था और संस्कृति को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर शोधार्थी तरुण साहू, नीरज शर्मा, टिकेंद्र यदु, नरोत्तम साहू सहित पूर्णिमा, सविता, गुनेश्वरी, देवकी, मान बाई तथा समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।



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