● हर डिजिटल टोकन बने मरीज की सुविधा और सम्मान की गारंटी – बृजमोहन अग्रवाल

● मोदी सरकार की डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति का पूरा लाभ अंतिम मरीज तक पहुंचाने पर दिया जोर
● स्क्रीन, उद्घोषणा प्रणाली और प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध होने के बाद ही जारी हो अगली वित्तीय किस्त
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के जनहितों की मजबूत आवाज बनकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सरकारी अस्पतालों की डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण विषय लोकसभा में उठाया। उन्होंने नियम 377 के अंतर्गत डिजिटल पंजीकरण और टोकन व्यवस्था को आवश्यक भौतिक सुविधाओं से जोड़ने का व्यावहारिक सुझाव सरकार के समक्ष रखा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नेशनल हेल्थ मिशन और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है। डिजिटल पंजीकरण, अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली और टोकन व्यवस्था से मरीजों के लिए अस्पताल सेवाएं अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनी हैं।
“मरीजों की सुविधा का विषय राष्ट्रीय पटल पर रखा”
श्री अग्रवाल ने डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को अगले चरण तक ले जाने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि डिजिटल टोकन के साथ अस्पतालों में डिस्प्ले स्क्रीन, उद्घोषणा प्रणाली और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होनी चाहिए। इससे मरीजों को सही समय पर जानकारी मिलेगी और उन्हें अनावश्यक प्रतीक्षा से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा, “डिजिटल टोकन केवल एक संख्या नहीं, बल्कि मरीज को समय पर सुविधा और सम्मान देने की गारंटी बनना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब तकनीक के साथ उससे जुड़ी सभी व्यवस्थाएं भी धरातल पर पूरी क्षमता से काम करें।”
सरकारी धन का बेहतर उपयोग, मरीजों को सीधा लाभ
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार को सुझाव दिया कि डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए अगली वित्तीय किस्त जारी करने से पहले संबंधित अस्पतालों में आवश्यक उपकरणों की स्थापना और संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी भी उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि इससे सरकारी धन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सीधे मरीजों तक पहुंचेगा। व्यवस्था की सफलता का आकलन केवल जारी किए गए डिजिटल टोकनों से नहीं, बल्कि मरीजों के कम हुए प्रतीक्षा समय और बेहतर अस्पताल अनुभव से होना चाहिए।
छत्तीसगढ़ के जनहितों के सजग प्रहरी
जनता की सुविधा, सम्मान और अधिकारों से जुड़े विषयों को लगातार राष्ट्रीय मंच पर उठाने वाले सांसद बृजमोहन अग्रवाल की इस पहल ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की आवाज को संसद में मजबूती प्रदान की है।
उनकी यह पहल छत्तीसगढ़ सहित देशभर के सरकारी अस्पतालों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।







