

कौशाम्बी, 4 मई। जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से 3/4 मई की मध्यरात्रि पुलिस कार्यालय स्थित दुर्गा भाभी सभागार में पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण की अध्यक्षता में अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में जनपद के विभिन्न अपराधों और लंबित मामलों की गहन समीक्षा करते हुए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।बैठक के दौरान बीएनएस, बीएनएसएस, महिला अपराध, एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में पंजीकृत अभियोगों की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने लंबित एसआर, एसएसआर और एलएसआर मामलों में वांछित अभियुक्तों, जिलाबदर अपराधियों, टॉप-10 अपराधियों तथा इनामी अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।एसपी ने हत्या, लूट, डकैती, चोरी और महिला अपराध जैसे जघन्य अपराधों के पिछले वर्षों के आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा करते हुए अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने को कहा। रात्रि और हाईवे चेकिंग को और सुदृढ़ बनाने तथा पीआरवी, थाना व चौकी मोबाइल की नियमित जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश देने के निर्देश भी दिए गए।न्यायालय से निर्गत सम्मन, बीडब्ल्यू, एनबीडब्ल्यू और अन्य नोटिसों की तामीला में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। अपहृत और गुमशुदा व्यक्तियों की बरामदगी के लिए विशेष टीमें गठित कर ठोस कार्रवाई करने को कहा गया।शासन की प्राथमिकताओं के तहत सीएम डैशबोर्ड से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर देते हुए जिले की रैंकिंग बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी डीजी परिपत्रों का अध्ययन कर उनका अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।आईजीआरएस और शिकायत प्रकोष्ठ के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर बल दिया गया। ITSSO पोर्टल पर लंबित पोक्सो और दुष्कर्म के मामलों तथा ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित मुकदमों में प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए गए। CEIR पोर्टल के माध्यम से चोरी या गुम मोबाइल की ब्लॉकिंग और रिकवरी की कार्रवाई लगातार जारी रखने को कहा गया।महिला सुरक्षा और जागरूकता को प्राथमिकता देते हुए मिशन शक्ति अभियान के तहत सभी थाना प्रभारियों को प्रत्येक बुधवार गांवों में चौपाल आयोजित कर विभिन्न हेल्पलाइन नंबर—112, 1076, 1090, 181, 1098, 1930 और 102—के प्रति आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।इसके अलावा प्रतिबिंब पोर्टल के नियमित अवलोकन और IGOT पोर्टल पर उपलब्ध प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को पूर्ण कर पुलिस कर्मियों की दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।गोष्ठी में वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, क्षेत्राधिकारी, अग्निशमन अधिकारी, सभी थाना प्रभारी, निरीक्षक एवं अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


