

इस पोर्टल के जरिए नागरिक खसरा, खतौनी, चकबंदी सहित अन्य राजस्व अभिलेखों का ऑनलाइन अवलोकन कर सकेंगे। साथ ही, डिजिटल हस्ताक्षर युक्त प्रमाणित प्रतियों के लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। प्रशासन के अनुसार, पोर्टल से जारी प्रमाणित प्रतियां न्यायालय, बैंक और अन्य शासकीय कार्यों में पूरी तरह मान्य होंगी। परियोजना के तहत जनपद लखनऊ के 898 ग्रामों के भूमि अभिलेख पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं। अब तक 11,049 अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है, जिनमें लगभग 22,51,696 अभिलेख पृष्ठ शामिल हैं।
इससे अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण और त्वरित उपलब्धता को सुनिश्चित किया गया है। 15 अप्रैल 2026 से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है कि डिजिटाइज्ड अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां अब सिर्फ ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही जारी की जाएंगी। इन अभिलेखों की भौतिक प्रतियां अब निर्गत नहीं की जाएंगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
पोर्टल में नागरिकों की सुविधा के लिए विस्तृत मास्टर डेटा मॉड्यूल जोड़ा गया है। इसके अंतर्गत तहसीलों, परगनों, ग्रामों और उनके राजस्व मानचित्रण की समेकित जानकारी उपलब्ध है। नागरिक तहसीलवार, परगनावार ग्रामों की सूची देख सकते हैं, वहीं तहसीलवार लेखपालों की सूची और तैनाती विवरण भी ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है।


