

नई दिल्ली: राजस्थान के जयपुर स्थित साउथ वेस्टर्न कमांड मुख्यालय में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 मिनट की स्पेशल डॉक्यूमेंट्री लॉन्च की। इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य, रणनीति और ऑपरेशन की अहम उपलब्धियों को दिखाया गया। कार्यक्रम के दौरान सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और ऑपरेशन सिंदूर को देश की सैन्य क्षमता और साहस का प्रतीक बताया गया।
डॉक्यूमेंट्री के मुताबिक, भारत ने किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सिस्टम पर नजर रखने के लिए साइबर एसेट्स को सक्रिय किया। इसके साथ ही ISRO की मदद से स्पेस आधारित संसाधनों को दोबारा तैनात किया गया ताकि पाकिस्तान के कई संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की जा सके। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने भी संयुक्त रूप से काम करते हुए रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयर की, जिससे ऑपरेशन की तैयारी बेहद सटीक तरीके से की गई।
डॉक्यूमेंट्री में ऑपरेशन सिंदूर को पिछले 50 वर्षों में भारतीय सेना का सबसे बड़ा मल्टी-डोमेन कॉम्बैट मिशन बताया गया है। इसका मकसद पाकिस्तान की ओर से समर्थित सीमा पार आतंकवाद को कड़ा जवाब देना था। इस अभियान में सेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से काम किया और आधुनिक युद्ध के लगभग हर आयाम का इस्तेमाल किया गया।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सेनाओं की संयुक्त युद्ध क्षमता को साबित किया। उन्होंने कहा, ‘हमने दुश्मन को हर स्तर पर मात दी।’ जनरल चौहान के मुताबिक, इस ऑपरेशन ने दिखाया कि भविष्य के युद्ध सिर्फ पारंपरिक हथियारों से नहीं, बल्कि साइबर, स्पेस और टेक्नोलॉजी आधारित रणनीति से भी लड़े जाएंगे।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर
अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इसके कुछ ही दिनों बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला किया।


