
केंद्र सरकार के तीन विधेयकों को कांग्रेस ने ‘छल कपट से भरा’ बताया
16-Apr-2026 11:50 AM
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए जा रहे हैं और ऊपर से इन्हें महिला आरक्षण के रूप में दिखाया और प्रचारित किया जा रहा है, लेकिन इनके मूल में डीलिमिटेशन का मुद्दा है.
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ”डीलिमिटेशन के प्रस्तावों को लेकर देशभर से कई गंभीर चिंताएं सामने आई हैं. यह ज़्यादा जनसंख्या वाले कुछ राज्यों को फायदा पहुंचाने वाली है, जहां फ़िलहाल बीजेपी मजबूत है.”
उनका कहना है, “इससे लोकसभा में कई राज्यों की तुलनात्मक शक्ति वास्तव में कम हो जाएगी. असम और जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से परिसीमन किया गया है, वह दिखाता है कि मोदी-शाह की जोड़ी कितने ख़तरनाक तरीके से काम करती है.”
जयराम रमेश ने आरोप लगाया, ”इन विधेयकों का असली मक़सद और विषय-वस्तु छल-कपट से भरी है, और इनका प्रभाव बहुत व्यापक और नुक़सान पहुंचाने वाला है. इन्हें वर्तमान स्वरूप में पूरी तरह ख़ारिज किया जाना चाहिए.”
उन्होंने इस पोस्ट में विपक्ष की मांगों का ज़िक्र किया है, जिनमें, ”लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों में से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएं, साथ ही अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से आने वाली महिलाओं के लिए भी आरक्षण सुनिश्चित किया जाए.”
”साल 2023 में भी विपक्ष का यही रुख़ था और आज भी यही है. यही असली सत्ता में भागीदारी है, जो कहीं अधिक लोकतांत्रिक है और संवैधानिक मूल्यों और सिद्धांतों के मुताबिक़ है.”(bbc.com/hindi)


