कार छोड़ी, घर बदला, खर्च घटाया… और 10 साल

NFA@0298
3 Min Read


Money Saving Tips: हर महीने मोटी सैलरी आने के बावजूद राकेश कुमार खुद को आर्थिक रूप से फंसा हुआ महसूस करते थे। वजह थी रोजाना घंटों का सफर, ट्रैफिक का तनाव और ऑफिस आने-जाने में हर महीने खर्च होने वाले करीब 20 हजार रुपये। उन्हें महसूस होने लगा था कि जिंदगी का बड़ा हिस्सा सिर्फ सड़क पर बर्बाद हो रहा है। थकान इतनी बढ़ चुकी थी कि घर के छोटे-छोटे काम भी अब पैसे देकर करवाने पड़ते थे। इसी बीच उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने अगले 10 साल में उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी।

राकेश ने अपने पुराने घर को किराए पर देकर ऑफिस के करीब एक छोटे लेकिन सुविधाजनक घर में शिफ्ट होने का फैसला किया। यह कदम शुरुआत में आसान नहीं था, क्योंकि परिवार और रिश्तेदारों से दूरी बनाना उनके लिए भावनात्मक रूप से मुश्किल था। लेकिन उन्होंने खर्च, समय और मानसिक शांति को प्राथमिकता दी। इस बदलाव के बाद सबसे पहले उनका रोजाना ट्रैवल खर्च लगभग खत्म हो गया। कार से होने वाला महंगा पेट्रोल खर्च बंद हुआ और उन्होंने ऑफिस जाने के लिए वॉक, साइक्लिंग और ई-स्कूटर को अपना लिया।

– Advertisement –

Ad image

Latest and Breaking News on NDTV

राकेश ने हर महीने 25 हजार रुपये की SIP शुरू की और समय-समय पर उसमें निवेश बढ़ाते रहे। करीब 20% के औसत रिटर्न के साथ 10 साल में उनकी SIP लगभग 93 लाख रुपये तक पहुंच गई। इसके अलावा कुक, लॉन्ड्री, डिलीवरी और अन्य छोटे खर्चों में कटौती से उन्होंने लाखों रुपये अलग से बचा लिए। उनका कहना है कि वे सिर्फ पैसे नहीं बचा रहे थे, बल्कि अपनी जिंदगी वापस खरीद रहे थे।

– Advertisement –

Ad image

इस फैसले का असर सिर्फ बैंक बैलेंस पर नहीं पड़ा, बल्कि उनकी सेहत भी पूरी तरह बदल गई। रोजाना वॉक और साइक्लिंग से उन्होंने कुछ महीनों में करीब 10 किलो वजन कम किया। पहले जहां लंबे समय तक कार में बैठने और तनावभरी जिंदगी की वजह से उन्हें घुटनों और पैरों में दर्द रहता था, वहीं अब उनकी फिटनेस और हार्ट हेल्थ दोनों बेहतर हो चुकी हैं। परिवार में हार्ट अटैक की हिस्ट्री होने के बावजूद उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल बदलकर खुद को गंभीर बीमारियों के खतरे से काफी हद तक बचा लिया।

कार छोड़ी, घर बदला… 10 साल में 1 करोड़ जोड़ दिए! Noida शिफ्ट होकर बदली जिंदगी

आज राकेश 40 की उम्र में खुद को आर्थिक रूप से इतना मजबूत मानते हैं कि चाहें तो नौकरी छोड़ सकते हैं। उनका कहना है कि “अब नौकरी मेरी जरूरत नहीं, बल्कि नौकरी को मेरी जरूरत है।” उनकी कहानी अब उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है जो बड़ी सैलरी के बावजूद बचत नहीं कर पा रहे। यह कहानी बताती है कि करोड़पति बनने के लिए हमेशा बिजनेस या बहुत बड़ी कमाई जरूरी नहीं होती, कई बार सिर्फ सही फैसले और अनुशासित लाइफस्टाइल ही जिंदगी बदल देते हैं।



Source link

Share This Article
Leave a Comment