होर्मुज संकट में भी ईंधन आपूर्ति बरकरार रखने का दावा, PM मोदी की बैठक में और क्‍या हुआ?

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शाम पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में चल रहे तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में उत्पन्न बाधाओं को देखते हुए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई।

बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने भाग लिया। इसमें पेट्रोलियम, कच्चा तेल, गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की गई।

सरकारी सूत्रों पर आधारित मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता, स्थिर लॉजिस्टिक्स और उपभोक्ताओं-उद्योगों के हितों की रक्षा करना था।

ईरान-इजराइल संघर्ष के 23वें दिन स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में नौवहन बुरी तरह प्रभावित है। ईरान ने इसे ‘दुश्मन देशों’ (अमेरिका, इजराइल व उनके सहयोगी) के लिए बंद रखा है, जबकि ब्रिक्स देशों (दक्षिण अफ्रीका में ईरानी राजदूत के बयान के अनुसार) से मदद की अपील की है।

कई भारतीय जहाज फंस गए हैं और एलपीजी/एलएनजी टैंकरों में देरी हो रही है। Reuters और Kpler डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में कोई क्रूड ऑयल टैंकर हॉर्मुज से नहीं गुजरा, जबकि कुल 22 भारतीय जहाज (6 एलपीजी, 4 क्रूड, 1 एलएनजी समेत) फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में अटके हुए हैं। इनमें लगभग 1.7 मिलियन टन कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी है, जिसमें 611 चालक दल सदस्य सुरक्षित हैं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से कम से कम तीन बार फोन पर बात की है। सरकार का दावा है कि ऊर्जा सुरक्षा हर हाल में बरकरार रहेगी। PIB की हालिया इंटर-मिनिस्टीरियल ब्रिफिंग और आज की बैठक में स्पष्ट किया गया कि वैकल्पिक स्रोतों जैसे अमेरिका, रूस आदि से खरीदारी बढ़ाई जा रही है। एक अमेरिकी एलपीजी टैंकर पहले ही भारत के पश्चिमी तट पर पहुंच चुका है।

PM मोदी की बैठक और PIB ब्रिफिंग में कहा गया ‘हर संभव तरीके से ईंधन खरीदारी की जाएगी। रूस या अन्य देश विकल्प बन सकते हैं। लोगों को कोई दिक्कत नहीं होगी।’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने ‘सुरक्षित और निर्बाध नौवहन’ पर जोर दिया। पोर्ट्स को शुल्क में छूट और सपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।



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