रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शासकीय डेंटल कॉलेज में छात्रों का आंदोलन अब अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल गया है।
यहां सरकारी डेंटल कॉलेज के पीजी और इंटर्न छात्र 15 जनवरी से मांगों के लिए संघर्ष कर रहे थे। अनिश्चितकालीन हड़ताल के पहले ही दिन यानी 22 जनवरी को हालात तनावपूर्ण हो गए। आंदोलकारी छात्र छात्राओं को काबू में करने के लिए पुलिस बुला ली गई। और वहां से बसों में भरकर स्टूडेंटस को तूता धरना स्थल ले जाकर छोड़ दिया गया।
दरअसल पीजी और इंटर्न छात्रों की मांग है कि उन्हें मेडिकल और आयुर्वेद कॉलेज के छात्रों के समान ही स्टाइपेंड मिले। एमबीबीएस और आयुर्वेद छात्रों ने 2023 में आंदोलन किया था, जिसके बाद उनके स्टाइपेंड बढ़ा दिए गए, लेकिन डेंटल डॉक्टरों के साथ भेदभाव किया गया। जो अभी तक जारी है। इन आंदोलन कारी स्टूडेंट की मांग है कि मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर स्टाइपेंड दिया जाए और इसे पुरानी तारीख से लागू किया जाए।
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इसके आलावा एक मांग यह भी है कि महिला पीजी छात्राओं के लिए कॉलेज में पर्याप्त हॉस्टल नहीं है। कई लड़कियां बाहर किराए के मकान या पीजी में रहने को मजबूर हैं। इससे आर्थिक बोझ के साथ-साथ सुरक्षा की चिंता भी बनी रहती है। छात्राओं की मांग है – कॉलेज परिसर में ही अतिरिक्त गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाए।
इन्हीं मांगों को लेकर आज छात्रों ने कॉलेज के मुख्य गेट पर धरना शुरू किया। डॉक्टरों, स्टाफ और मरीजों की एंट्री रोक दी। दंत चिकित्सा सेवाएं लगभग पूरी तह ठप्प हो गई।
छात्रों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो रायपुर और आसपास के इलाकों में दंत चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।
रायपुर डेंडल कॉलेज से तूता धरना स्थल करीब 20 किलो मीटर दूर है। यहां से आंदोलकारी छात्रों को खुद से वाहन की व्यवस्था कर वापस लौटना पड़ा, वहीं पूर्व विधायक सत्य नरायण शर्मा ने भी छात्र छात्राओं की मदद के लिए वाहन की व्यवस्था की।

