कौशाम्बी। जिले के मंझनपुर तहसील अंतर्गत ऊनो गांव में बुधवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक विशेष समुदाय के दर्जनों लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना का मूल कारण गांव की सरकारी खलियान की जमीन (गाटा संख्या 911) को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की शिकायत करना बताया जा रहा है। पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है।जानकारी के अनुसार, पीड़ित इंद्रजीत मिश्र ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मंझनपुर से गांव की सरकारी खलियान की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे की लिखित शिकायत की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए राजस्व टीम ने हाल ही में मौके का निरीक्षण किया था और कब्जाधारकों को अवैध निर्माण हटाने की कड़ी चेतावनी दी थी। अपना अवैध साम्राज्य ढहते देख कब्जेदारों ने लामबंद होकर शिकायतकर्ता को सबक सिखाने की साजिश रची।बुधवार सुबह करीब एक घंटे तक गांव में अराजकता का नंगा नाच चला। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि हमलावर किस कदर उग्र थे। वे इंद्रजीत मिश्र के बंद दरवाजे और दीवारों पर पूरी ताकत से कुल्हाड़ी और डंडों से प्रहार कर रहे थे। पीड़ित का कहना है कि अगर समय रहते मुख्य दरवाजा अंदर से बंद न किया जाता, तो उग्र भीड़ मेरे पूरे परिवार की हत्या कर देती। हमें लगातार धमकियां मिल रही थीं कि ‘पंडित सुधर जाओ वरना एससी-एसटी एक्ट लगवाकर जिंदगी बर्बाद कर देंगे।पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने हमले की आशंका पहले ही एसडीएम को बता दी थी, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यदि समय रहते सुरक्षा मुहैया कराई जाती, तो यह घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल, गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 नामजद तथा 15 से 20 लोगों की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान जारी ।जानलेवा हमला, दंगा भड़काना और अन्य सुसंगत धाराएं मंझनपुर थाना पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के जरिए हमलावरों और मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


