नई दिल्ली। साल 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े बड़े साजिश मामले में आरोपी शरजील इमाम को अदालत ने 10 दिनों की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी है। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने 9 मार्च को यह आदेश दिया था, जिसके तहत वह 30 मार्च तक जेल से बाहर रह सकेंगे। इस दौरान वे अपने छोटे भाई मुजम्मिल इमाम की शादी में शामिल हो सकेंगे और अपनी बीमार मां की देखभाल कर सकेंगे।
शरजील इमाम ने कोर्ट से मूल रूप से छह हफ्तों की अंतरिम जमानत मांगी थी, ताकि वे 25 मार्च को होने वाली शादी की तैयारियों और समारोहों (मेहंदी, हल्दी, निकाह और रिसेप्शन) में हिस्सा ले सकें। हालांकि अदालत ने उनकी याचिका पर आंशिक राहत देते हुए केवल 10 दिनों की मंजूरी दी। जमानत के लिए उन्हें 50,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड और इतनी ही राशि के दो जमानतदार देने होंगे।
अदालत ने सख्त शर्तें भी लगाई हैं। इस अवधि में शरजील इमाम मीडिया से कोई बातचीत नहीं कर सकेंगे, सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे और केवल परिवार, रिश्तेदारों व दोस्तों से ही संपर्क में रह सकेंगे। जमानत अवधि समाप्त होने पर उन्हें सरेंडर करना होगा।
शरजील इमाम जनवरी 2020 में गिरफ्तार किए गए थे, जब उन पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा था। बाद में दिल्ली दंगों की कथित साजिश के मामले में यूएपीए के तहत चार्जशीट दाखिल की गई। वे करीब छह साल से जेल में हैं। इससे पहले उनकी नियमित जमानत की याचिकाएं दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी हैं, जिसमें जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद के साथ उनकी जमानत याचिका भी ठुकरा दी थी।
गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। यह मामला सीएए-एनआरसी विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया है।


