सेलूद। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेलूद के विज्ञान समूह (सत्र 2001) के पूर्व छात्र–छात्राओं द्वारा विद्यालय से जुड़े 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती मिलन एवं सम्मान समारोह का भव्य, गरिमामय एवं ऐतिहासिक आयोजन रविवार, 11 जनवरी 2026 को प्रातः 10 बजे से स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सेलूद परिसर में सम्पन्न हुआ।
यह आयोजन केवल एक पुनर्मिलन कार्यक्रम न होकर गुरु–शिष्य परंपरा, मित्रता, स्मृतियों और उपलब्धियों का ऐसा प्रेरणादायी संगम रहा, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम में पूर्व विद्यार्थियों को अपने स्वर्णिम छात्र जीवन की यादें ताज़ा करने का अवसर मिला, वहीं गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे पूर्व विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम में विज्ञान समूह 2001 के पूर्व छात्र–छात्राएं अपने परिवारजनों सहित बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। इस अवसर पर विद्यालय को उस समय अपने अनुभव एवं मार्गदर्शन से समृद्ध करने वाली आदरणीय सेवानिवृत्त वरिष्ठ व्याख्याता प्रभा मसीह, तत्कालीन प्राचार्या इंदु मालिक, सेवानिवृत्त प्राचार्या हेमलता धनुषकर, प्राचार्या वीना घोड़ियाल, उच्च वर्ग शिक्षक छाया बंछोर, वर्तमान प्राचार्या स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पियाली सेन, व्याख्याता अंजली चंद्राकर, रेणुका सिंह एवं एन.के. साहू को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। स्वागत उद्बोधन गोपेश साहू द्वारा दिया गया। इसके पश्चात सभी पूर्व छात्र–छात्राओं ने अपने परिवारजनों के साथ परिचय दिया तथा अपने विद्यालयीन जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए वर्तमान सामाजिक एवं व्यावसायिक स्थिति से सभी को अवगत कराया। उपस्थित शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर हर्ष व्यक्त किया तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।
इस अवसर पर स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष रमेश देवांगन एवं ग्राम सभा प्रमुख सुरेंद्र बंछोर का भी शाल, श्रीफल एवं मोमेंटो देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों एवं उनके परिवारजनों ने सामूहिक भोज ग्रहण किया।
पूर्व छात्र–छात्राओं ने पुराने दिनों को यादगार बनाने के लिए उसी अध्ययन कक्ष में बैठकर समय बिताया, जहाँ उन्होंने कभी विज्ञान विषय की पढ़ाई की थी। यह आयोजन क्षेत्र में विज्ञान समूह द्वारा आयोजित अपनी तरह का पहला रजत जयंती मिलन समारोह रहा, जो वर्तमान विद्यार्थियों के लिए निश्चित रूप से अनुकरणीय एवं प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।
कार्यक्रम संचालन कमलेश ग्रेवाल ने किया एवं आभार प्रदर्शन परेश चावड़ा द्वारा किया गया।
पूर्व विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ
विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर इस बैच के छात्र–छात्राओं ने आज राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, बैंकिंग, इंजीनियरिंग, कृषि, व्यापार, उद्योग, मीडिया एवं सेवा क्षेत्र में अपनी सशक्त पहचान बनाई है।
राजनीति क्षेत्र में
निर्मल कोसरे (वर्तमान महापौर, भिलाई–चरोदा)
जानकी ध्रुव (तीन बार पार्षद एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष, कुम्हारी नगरपालिका)
शिक्षा विभाग में
अनिल बनपेला (उच्च सहायक शिक्षक)
मेहतरु राम साहू (सहायक शिक्षक)
मोहन टंडन (प्रधान पाठक)
योगेश्वर ध्रुवे (सहायक शिक्षक)
सुरक्षा एवं सेवा क्षेत्र में
देवेंद्र चंदेल, बालकिशन साहू (छत्तीसगढ़ जिला पुलिस बल)
राजेश साहू, डालेस्वर प्रसाद साहू (भूतपूर्व सैनिक)
बैंकिंग, प्रशासन एवं तकनीकी क्षेत्र में
दीपक साहू (शाखा प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, रायपुर)
राजकुमार ठाकुर (लिपिक, बीएसएनएल)
किशोर वर्मा (लिपिक, सीजीपीडीसीएल)
कमलेश ग्रेवाल (कंप्यूटर हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर)
स्वास्थ्य, कृषि एवं व्यापार क्षेत्र में
सुमन सोनवानी (पशु शल्य चिकित्सक)
दुर्गा चंद्राकर (आर.एच.ओ., चिकित्सा विभाग)
भेषनारायण सेन (ग्रामीण चिकित्सक)
परेश चावड़ा (कृषि केंद्र)
योगेश चंद्राकर (ट्रांसपोर्टर)
रमेश साहू (उन्नतशील किसान एवं बोरवेल्स)
राकेश सोनवानी (ऑटो पार्ट्स व्यवसाय)
अमर निषाद (पर्यटन गाइड, टूर एंड ट्रेवल्स)
उद्योग, इंजीनियरिंग एवं मीडिया क्षेत्र में
मनोहर टोडर (इंजीनियर, नगरनार जगदलपुर)
कुणाल टिकरिहा (पत्रकारिता)
ईश्वर साहू (वरिष्ठ प्रबंधक, विसखनिजीकरण संयंत्र प्रयोगशाला)
इसके अतिरिक्त गीता श्रीवास, लक्ष्मी यादव, मीना बघेल, कुंती साहू, किरण गहिरवार, ओमिन साहू, भारती साहू सहित सभी पूर्व छात्र–छात्राएं अपने-अपने क्षेत्रों में कर्मठता से कार्य करते हुए विद्यालय एवं समाज का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं।
यह रजत जयंती मिलन समारोह गुरु–शिष्य परंपरा, मित्रता, स्मृतियों एवं उपलब्धियों का एक ऐतिहासिक एवं यादगार आयोजन बन गया, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।

