
लखनऊ। नगराम थाना क्षेत्र के कुबहरा गांव में महिला के हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा किया है। 7 जनवरी 2026 को सरसों के खेत में मिले क्षत-विक्षत मानव कंकाल की पहचान लापता महिला पूनम उम्र करीब 30 वर्ष के रूप में हुई थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी आशीष कुमार(20 )पुत्र रामचरन रावत, निवासी कुबहरा को 19 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, पूनम पति पीतांबर की पत्नी थीं और 12 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 9 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी। उसकी गुमशुदगी का मामला नगराम थाने में दर्ज था। कंकाल मिलने पर घटनास्थल के पास पड़ी साड़ी से पूनम के परिजनों ने उसकी पहचान की। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद हत्या की पुष्टि हुई। मृतका के पिता ने पति और परिजनों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया।
विवेचना में सामने आया कि अभियुक्त आशीष पूनम का पड़ोसी था और उससे नियमित बातचीत होती थी। पूनम ने आशीष को अपनी बड़ी बहन की बेटी से शादी कराने का वादा किया था और दोनों की मुलाकात भी कराई थी। लेकिन बाद में परिवार ने लड़की की शादी कहीं और तय कर दी। इससे आशीष में गहरा रोष पैदा हुआ और उसने खुद को ठगा हुआ महसूस किया। रंजिश के चलते 12 दिसंबर को सुबह करीब 9:30 बजे आशीष ने पूनम को हंसराज की बाग में बुलाया। वहां विवाद के दौरान उसने पूनम का गला दबाकर हत्या कर दी।
सामान्य दिनचर्या दिखाने के लिए वह मोहनलालगंज काम पर गया, लेकिन विलंब से पहुंचा। शाम को जब परिजन तलाश करते दिखे तो डर के मारे रात करीब 10 बजे शव को सरसों के खेत में फेंक दिया। उसने शव से गले की माला,लॉकेट और पैरों की एक जोड़ी पायल उतार ली।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और स्थानीय जांच के आधार पर आशीष को गिरफ्तार किया। निशानदेही पर उसके कब्जे से पायल और लॉकेट बरामद हुए, जिनकी पहचान परिजनों ने की। घटनास्थल से टूटी चूड़ियां भी मिलीं। अभियुक्त का कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है। पुलिस ने अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

